Publisher Statement On Book: पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने साफ कर दिया है कि पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के पब्लिशिंग अधिकार केवल उसी के पास हैं। कंपनी ने कहा कि यह किताब अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। इसलिए इसकी कोई भी कॉपी आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
अभी किताब जारी नहीं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पब्लिशर ने कहा कि हाल में इस किताब को लेकर कई तरह की चर्चाएं और मीडिया रिपोर्ट सामने आई हैं। इन्हें देखते हुए कंपनी यह स्पष्ट करना चाहती है कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किसी भी रूप में इसकी प्रिंट या डिजिटल कॉपी जारी नहीं की है।
कॉपी मिलने पर चेतावनी
पब्लिशर ने यह भी कहा कि अगर कहीं भी इस किताब की कोई कॉपी घूम रही है, तो वह पूरी तरह गैरकानूनी है। चाहे वह PDF हो, प्रिंट हो या किसी और फॉर्मेट में हो किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कॉपी कॉपीराइट का उल्लंघन मानी जाएगी। ऐसे मामलों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
कंपनी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किताब की बिना अनुमति कॉपी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि वह अपने कॉपीराइट की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कानूनी कदम उठाएगा।
राजनीतिक विवाद से चर्चा तेज
दरअसल, पिछले हफ्ते संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस किताब की कथित प्री-प्रिंट कॉपी से कुछ बातें उद्धृत करने की कोशिश की थी। इसके बाद संसद में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया।
संसद में हुआ हंगामा
इस मामले को लेकर लोकसभा में कई बार कार्यवाही बाधित हुई। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। आखिरकार नारेबाजी के बीच धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया गया, लेकिन विवाद थमा नहीं।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
इसी बीच दिल्ली पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म पर किताब की कथित लीक कॉपी सर्कुलेट होने की जानकारी मिलने के बाद स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी कैसे बाहर आई।
जांच अभी जारी है
पुलिस का कहना है कि यह मामला अभी अप्रूव न हुई पब्लिकेशन के लीक से जुड़ा है। इसलिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल पब्लिशर और पुलिस दोनों ही इस पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
