Rising Grocery Prices: आम आदमी की रसोई पर पड़ेगी महंगाई की मार ?जाने कौन से ज़रूरी सामान होंगे महंगे

चीनी, प्याज, दाल और खाने के तेल की बढ़ती कीमतों से आम परिवारों के रसोई बजट पर दबाव बढ़ सकता है। त्योहारों की बढ़ती मांग, फसलों की आवक में देरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी के कारण आने वाले हफ्तों में किराने का खर्च और बढ़ने की आशंका है।

Rising Grocery Prices: अगर आपको इस महीने किराने का खर्च पहले के मुकाबले ज्यादा लग रहा है, तो आने वाले दिनों में राहत मिलना आसान नहीं दिख रहा। रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों की कीमतों पर एक साथ दबाव बढ़ रहा है।

चीनी, प्याज, दाल और खाने के तेल के दाम पहले ही बढ़ने लगे हैं। इसके पीछे मौजूद कई वजहें अभी खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे में आने वाले हफ्तों में घरेलू बजट पर महंगाई का असर और बढ़ सकता है।

चीनी के दाम सबसे ज्यादा बढ़े

चीनी की कीमतों में हाल के दिनों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले एक हफ्ते में इसके दाम करीब 7 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं, जबकि एक महीने में करीब 17 रुपये प्रति किलो तक का उछाल आया है। कुछ जगहों पर खुदरा कीमत 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है।

सप्लाई पर दबाव और जमाखोरी की आशंका को कीमत बढ़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसके अलावा त्योहारों का सीजन आने वाला है, जिससे मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ सकती है।

सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति दी है। साथ ही स्टॉक लिमिट लागू की गई है और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने को कहा गया है।

दालों में फिलहाल मामूली तेजी

अरहर, मूंग, उड़द और चना जैसी दालों की कीमतें भी पिछले महीने करीब 1 से 2 रुपये प्रति किलो तक बढ़ी हैं।

हालांकि अभी बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन आगे स्थिति बदल सकती है। इस साल दलहन की बुआई का रकबा पिछले साल की तुलना में करीब 35 हजार हेक्टेयर कम बताया जा रहा है। अरहर की बुआई में भी लगभग 1.69 लाख हेक्टेयर की कमी है।

अगर मौसम खराब रहा और उत्पादन प्रभावित हुआ, तो दालों की सप्लाई कम होने से कीमतें और बढ़ सकती हैं।

खाने के तेल पर ग्लोबल मार्केट का असर

खाने के तेल की कीमतें घरेलू सप्लाई के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी प्रभावित होती हैं। पाम ऑयल की कीमतें करीब 20 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं।

इंडोनेशिया में मौसम और सूखे की स्थिति से सप्लाई को लेकर चिंता है। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण सूरजमुखी तेल की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

भारत में पिछले एक महीने में खाने के तेल की कीमतों में करीब 2 से 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वैश्विक बाजार में तेजी जारी रही तो घरेलू कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

चारों तरफ से महंगाई का दबाव

रसोई की इन चार जरूरी चीजों पर नजर डालें तो आने वाले दिनों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाती है।

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