Tourism Growth: गजेंद्र सिंह शेखावत शेखावत का बड़ा बयान,”पिछले वर्षों में भारत की वैश्विक पहचान में बदलाव”

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पिछले 10–15 वर्षों में विदेशों में भारत की छवि में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां भारत की पहचान महात्मा गांधी से जुड़ी थी, वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का “सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर” माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की पर्यटन ब्रांडिंग “इन्क्रेडिबल इंडिया” से आगे बढ़कर “इनेविटेबल इंडिया” बनने की दिशा में है और 2047 तक विदेशी पर्यटकों की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच सकती है।

Tourism Growth: द्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पिछले एक दशक से अधिक समय में विदेशों में भारत की छवि और पहचान में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। उनके अनुसार पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मुख्य रूप से महात्मा गांधी से जुड़ी होती थी, लेकिन अब यह तस्वीर काफी बदल चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में भारत का नाम लेते ही लोगों की प्रतिक्रिया सकारात्मक होती है और देश की छवि पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।

“मोदी देश के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर”

शेखावत ने अपने बयान में कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक मंच पर भारत के “सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर” के रूप में उभरे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बयान किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक के अनुभव के आधार पर दिया गया विचार है।

उन्होंने कहा कि पहले विदेशों में भारतीय लोग अपनी पहचान बताने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। आज लोग गर्व से खुद को भारतीय बताते हैं और भारत का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।

विदेशों में भारतीय पहचान पर बढ़ता गर्व

मंत्री के अनुसार 10–15 साल पहले तक विदेशों में भारतीय नागरिक अक्सर खुद को “एशियाई” कहकर परिचय देते थे। उस समय भारत की पहचान अधिकतर महात्मा गांधी से जुड़ी होती थी।

लेकिन अब वैश्विक स्तर पर भारत की छवि बदली है और लोग “मिस्टर मोदी” का नाम पहचान के रूप में लेने लगे हैं। यह बदलाव भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और सॉफ्ट पावर को दर्शाता है।

पर्यटन क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव

शेखावत ने कहा कि किसी भी देश के नेतृत्व की छवि का सीधा असर उसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और पर्यटन पर पड़ता है। भारत में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भारतीय दूतावासों की सफलता का आकलन इस आधार पर भी किया जाएगा कि वे कितने विदेशी पर्यटकों को भारत की ओर आकर्षित कर पाते हैं।

“इन्क्रेडिबल इंडिया” से “इनेविटेबल इंडिया” की ओर

भारत की पर्यटन नीति और वैश्विक ब्रांडिंग पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने “Incredible India” के जरिए दुनिया में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। अब लक्ष्य इसे और आगे ले जाकर “इनेविटेबल इंडिया” बनाना है, यानी ऐसा देश जिसे नजरअंदाज करना संभव न हो।

उन्होंने दक्षिण कोरिया के के-पॉप और थाईलैंड की हॉस्पिटैलिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत भी अपनी संस्कृति, विरासत और आधुनिक सुविधाओं के दम पर वैश्विक पर्यटन में बड़ी छलांग लगा सकता है।

2047 के लिए बड़ा लक्ष्य

शेखावत ने विश्वास जताया कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाओं और बढ़ते वैश्विक आकर्षण के चलते भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या मौजूदा स्तर से बढ़कर 2047 तक 100 करोड़ तक पहुंच सकती है।

उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति और आकर्षण का संकेत है।

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