Hydrogen Train Update: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को नहीं मिल रहे यात्री, आखिर क्यों खाली हैं कोच?

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद–सोनीपत रूट पर नियमित रूप से चल रही है, लेकिन फिलहाल यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम है। लोकल ट्रेनें, बस सेवाएं और सीमित रूट इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही हैं।

Hydrogen Train Update: हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चल रही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन चौथे दिन भी निर्धारित समय के अनुसार जारी रहा। बुधवार सुबह ट्रेन तय समय पर जींद रेलवे जंक्शन से रवाना हुई। पहले दिन की तुलना में यात्रियों की संख्या में कुछ बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन आंकड़े अब भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हैं।

कम यात्रियों के पीछे क्या हैं वजहें?

जींद–सोनीपत रूट पर पहले से कई लोकल ट्रेनें और MEMU सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें से कई ट्रेनें सीधे दिल्ली तक जाती हैं, जबकि हाइड्रोजन ट्रेन फिलहाल केवल सोनीपत तक ही संचालित हो रही है। ऐसे में दिल्ली जाने वाले अधिकांश यात्री सीधी ट्रेन का विकल्प चुन रहे हैं।

इसके अलावा इस रूट पर रोडवेज और निजी बस सेवाएं भी बेहतर हैं। बसों का किराया करीब 50 रुपये से शुरू होता है और यात्री अपनी मंजिल के नजदीक उतर सकते हैं। यही कारण है कि कई लोग बस यात्रा को अधिक सुविधाजनक मानते हैं।

इन ट्रेनों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा

जींद–सोनीपत और दिल्ली रूट पर पहले से कई ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

इन ट्रेनों का किराया भी किफायती है, जिससे यात्रियों के पास कई विकल्प मौजूद हैं।

किराया और समय

हाइड्रोजन ट्रेन का किराया 5 रुपये से 25 रुपये के बीच रखा गया है। ट्रेन सुबह 7:40 बजे सोनीपत से रवाना होकर लगभग 9:40 बजे जींद पहुंचती है। वापसी में यह 10:40 बजे जींद से चलकर दोपहर लगभग 1:00 बजे सोनीपत पहुंचती है।

किन स्टेशनों पर रुकती है ट्रेन?

करीब 90 किलोमीटर लंबे इस रूट पर ट्रेन जींद जंक्शन और सोनीपत जंक्शन के बीच संचालित होती है। रास्ते में यह जींद सिटी, पांडु पिंडारा, गोहाना, मोहाना सहित लगभग 11 से 14 स्टेशनों पर रुकती है।

आगे दिल्ली तक बढ़ सकता है रूट

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस हाइड्रोजन ट्रेन का विस्तार दिल्ली तक किया जा सकता है। इससे यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में 10 कोच वाली इस ट्रेन में एक साथ लगभग 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं। आने वाले समय में देश के विभिन्न हिस्सों में 34 और हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की योजना है।

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