Road Safety Report: सड़क दुर्घटनाओं को लेकर, रिपोर्ट में सामने आई अहम जानकारी, क्या है सफर का सबसे सुरक्षित और सबसे खतरनाक समय

नई इंडिया रोड सेफ्टी रिपोर्ट 2026 के अनुसार रात 9 से 10 बजे के बीच सड़क हादसों का खतरा सबसे अधिक रहता है। वहीं दोपहर 1 से 2 बजे के बीच सफर करना सबसे सुरक्षित माना गया है।

India Road Safety Report 2026: अगर आप कार या बाइक से लंबी यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। नई इंडिया रोड सेफ्टी रिपोर्ट 2026 में बताया गया है कि दिन का हर समय सड़क पर एक जैसा सुरक्षित नहीं होता। रिपोर्ट के मुताबिक रात 9 बजे से 10 बजे के बीच गाड़ी चलाना सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है, जबकि दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच का समय सबसे सुरक्षित माना गया है। यह रिपोर्ट जुनो जनरल इंश्योरेंस ने तैयार की है। इसके लिए उनके स्मार्टड्राइव ऐप से 17 राज्यों के 27 हजार से ज्यादा ड्राइवरों की 4.5 करोड़ से अधिक यात्राओं और 5.5 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा ड्राइविंग डेटा का अध्ययन किया गया।

रात में क्यों बढ़ जाता है खतरा?

रिपोर्ट के अनुसार दिनभर लोगों की ड्राइविंग सामान्य रहती है, लेकिन रात 8 बजे के बाद इसमें गिरावट आने लगती है। रात 9 से 10 बजे के बीच ड्राइवरों का औसत ड्राइविंग स्कोर केवल 86 दर्ज किया गया, जो पूरे दिन में सबसे कम है। इसी वजह से इस समय सड़क हादसों का खतरा सबसे ज्यादा माना गया है।

वहीं दोपहर 1 से 2 बजे के बीच ड्राइवरों का औसत स्कोर 93 रहा। इसका मतलब है कि इस समय लोग ज्यादा सावधानी और शांति से वाहन चलाते हैं।

महिला और पुरुष में ज्यादा फर्क नहीं

ड्राइविंग को लेकर अक्सर कई तरह की धारणाएं बनाई जाती हैं, लेकिन यह रिपोर्ट अलग तस्वीर दिखाती है। महिलाओं का औसत ड्राइविंग स्कोर 92.86 और पुरुषों का 92.43 रहा। दोनों के बीच बहुत कम अंतर देखने को मिला। इससे साफ है कि सुरक्षित ड्राइविंग इस बात पर निर्भर करती है कि वाहन कैसे चलाया जा रहा है, न कि चालक महिला है या पुरुष।

ड्राइवरों की सबसे बड़ी गलतियां

रिपोर्ट में भारतीय ड्राइवरों की दो बड़ी कमजोरियां भी सामने आई हैं। पहली, अचानक ब्रेक लगाना, जिसमें सबसे कम यानी 87 का स्कोर मिला। दूसरी, बिना जरूरत तेजी से एक्सीलेटर दबाना, जिसमें स्कोर 91 रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक मौसम बदलने से लोगों की ड्राइविंग आदतों पर कोई खास असर नहीं पड़ता। यानी गर्मी, सर्दी या बारिश से ज्यादा हादसों की वजह चालक की लापरवाही और गलत आदतें बनती हैं।

भारत में सड़क हादसों की गंभीर तस्वीर

रिपोर्ट बताती है कि भारत में 80 प्रतिशत से ज्यादा सड़क हादसे इंसानी गलती की वजह से होते हैं। इनमें तेज रफ्तार, मोबाइल फोन का इस्तेमाल और गलत तरीके से ओवरटेक करना सबसे बड़ी वजह हैं। हर साल देश में करीब 1.73 लाख लोगों की जान सड़क हादसों में चली जाती है। यह दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली कुल मौतों का लगभग 11 प्रतिशत है। इनमें करीब 66 प्रतिशत लोग 18 से 45 वर्ष की उम्र के होते हैं।

सबसे ज्यादा खतरे में कौन?

सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दोपहिया वाहन चलाने वालों की होती हैं। कुल मौतों में उनका हिस्सा करीब 44 प्रतिशत है। वहीं सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों की हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत है। इन दुर्घटनाओं की वजह से देश को हर साल अपनी जीडीपी का लगभग 3 से 5 प्रतिशत तक आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

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