Tourism And Hospitality: बजट 2026 में सरकार ने पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक अहम पैकेज पेश किया है। इस पूरे पैकेज का मुख्य मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, विदेशी मुद्रा की आमदनी बढ़ाना और भारत की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने और मजबूती से रखना है। सरकार का मानना है कि पर्यटन ऐसा क्षेत्र है, जो सीधे तौर पर स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ा सकता है और भारत की सॉफ्ट पावर को भी मजबूत करता है।
राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी संस्थान की स्थापना
बजट 2026 में एक बड़ा ऐलान करते हुए सरकार ने National Council for Hotel Management and Catering Technology को अपग्रेड कर एक राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी संस्थान बनाने की घोषणा की है। यह संस्थान शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम करेगा।
इसका उद्देश्य होटल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है, जो दुनिया के किसी भी देश में काम करने लायक हों। इससे भारत की सर्विस इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर करियर के मौके मिलेंगे।
10,000 टूरिस्ट गाइड्स को मिलेगी नई ट्रेनिंग
पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक खास पायलट योजना शुरू की है। इसके तहत देश के 20 बड़े और मशहूर पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को स्किल अपग्रेड ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह 12 हफ्ते का हाइब्रिड ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा, जिसे Indian Institute of Management के सहयोग से तैयार किया गया है। इस ट्रेनिंग से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सही जानकारी और बेहतर गाइडेंस मिल सकेगी।
डिजिटल डेस्टिनेशन रजिस्ट्री और हेरिटेज पहल
सरकार एक नेशनल डिजिटल डेस्टिनेशन रजिस्ट्री बनाने जा रही है। इसमें देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का पूरा और विस्तार से रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे रिसर्च करने वालों, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक कंपनियों के लिए नए मौके खुलेंगे।
इसके साथ ही 15 पुरातात्विक स्थलों को खास सांस्कृतिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि वहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और विरासत को भी सुरक्षित रखा जा सके।
इको-टूरिज्म और एडवेंचर ट्रेल्स पर जोर
बजट 2026 में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है। इसके तहत Himachal Pradesh, Uttarakhand, Jammu and Kashmir, Araku Valley और Podhigai Malai में सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।
इसके अलावा ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स को 1,500 स्कूलों और 500 कॉलेजों में शुरू किया जाएगा, ताकि भारत की पर्यटन कहानियां डिजिटल माध्यम से देश और दुनिया तक पहुंच सकें।
पर्यटन से विकास की नई उम्मीद
कुल मिलाकर, बजट 2026 में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को एक नई दिशा देने की कोशिश की गई है। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक छवि भी वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।







