Indian Railway Rule: ट्रेन में सफर के दौरान ज्यादातर यात्री घर से बना खाना साथ लेकर चलते हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि कई बार ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में लोग साफ-सुथरा और भरोसेमंद भोजन घर से ले जाना पसंद करते हैं। हालांकि, घर का खाना ले जाना पूरी तरह वैध है, लेकिन उससे जुड़ा एक नियम न मानने पर रेलवे जुर्माना लगा सकता है।
खाना खाने के बाद की गई गलती बन सकती है परेशानी
हाल ही में एक मामले में एक परिवार ने ट्रेन में खाना खाने के बाद बचा हुआ भोजन, प्लेट और अन्य कचरा कोच के अंदर ही छोड़ दिया। रेलवे कर्मचारियों ने गंदगी फैलाते हुए देख लिया, जिसके बाद संबंधित यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया।
यह कार्रवाई घर का खाना लाने पर नहीं, बल्कि ट्रेन में गंदगी फैलाने के कारण की गई। रेलवे के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों और ट्रेनों में साफ-सफाई बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है।
कितना लग सकता है जुर्माना?
रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए पाया जाता है, तो उस पर 200 रुपये से 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में रेलवे प्रशासन अन्य कार्रवाई भी कर सकता है।
इन नियमों का भी रखें ध्यान
रेलवे परिसर और ट्रेनों में सिर्फ कचरा फैलाना ही नहीं, बल्कि कई अन्य गतिविधियां भी नियमों का उल्लंघन मानी जाती हैं। इनमें शामिल हैं—
- ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर कचरा फेंकना।
- ट्रेन या स्टेशन पर थूकना।
- रेलवे परिसर में धूम्रपान करना।
- सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई को नुकसान पहुंचाना।
ऐसी स्थिति में रेलवे जुर्माना लगाने के साथ आवश्यक कार्रवाई भी कर सकता है।
कैसे बचें जुर्माने से?
यदि आप ट्रेन में घर का खाना लेकर सफर कर रहे हैं, तो भोजन के बाद प्लेट, बोतल, टिश्यू या अन्य कचरा सीट या कोच में न छोड़ें। जहां डस्टबिन उपलब्ध हो, वहीं कचरा डालें। यदि कोच में डस्टबिन न हो, तो अगले स्टेशन पर उतरकर निर्धारित डस्टबिन में कचरा फेंकें।
थोड़ी-सी सावधानी न केवल आपको जुर्माने से बचा सकती है, बल्कि ट्रेन और रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में भी मदद करेगी।








