Karnataka Caste Census Report: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सामाजिक और शैक्षिक सर्वे रिपोर्ट को स्वीकार करने की जानकारी दी है। उन्होंने बुधवार, 27 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने राज्य के सभी समुदायों की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति समझने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग को सर्वे कराने का निर्देश दिया था।
उन्होंने बताया कि उस समय शुरू किया गया यह सर्वे कई सालों तक अधूरा ही रहा, क्योंकि बाद की सरकारों ने रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया। अब दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से नई जनगणना कराने का फैसला लिया।
नई जनगणना को बताया जरूरी
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य के अलग-अलग समुदायों की सही स्थिति जानना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से नई जानकारी जुटाने के लिए फिर से सर्वे कराया गया। उनका मानना है कि यह रिपोर्ट आने वाले समय में सामाजिक न्याय लागू करने के लिए अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट स्वीकार करने के दौरान उनके कई मंत्री, कानूनी सलाहकार ए.एस. पोनान्ना, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष मधुसूदन आर. नाइक और आयोग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस्तीफे की अटकलों पर बढ़ी चर्चा
इसी बीच कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सिद्धारमैया की दिल्ली यात्रा और कांग्रेस आलाकमान से हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि वह गुरुवार, 28 मई 2026 को अपनी दिल्ली यात्रा और मुलाकातों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
कांग्रेस ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस की ओर से भी सफाई दी गई है। कर्नाटक के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि फिलहाल विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है और अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसके बावजूद राज्य की राजनीति में हलचल बनी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और कर्नाटक प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष आर. वी. देशपांडे के बयान ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
क्या इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धारमैया?
आर. वी. देशपांडे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उनसे बातचीत में कहा है कि उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है। उन्होंने बताया कि कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री से पद नहीं छोड़ने की अपील की थी, लेकिन सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान से जो वादा किया है, उसका सम्मान करेंगे। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान और कर्नाटक की अगली राजनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


