Rahul Gandhi on Om Birla: लोकसभा में आज फिर विपक्षी नेता राहुल गांधी और अध्यक्ष ओम बिरला के बीच टकराव देखने को मिला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब भी वह सदन में अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। यह विवाद उस समय खड़ा हुआ जब राहुल गांधी ने किसी अहम मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद कांग्रेस सांसदों ने जमकर हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।
इससे पहले 18 मार्च को भी राहुल गांधी ने यही आरोप लगाया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ पर बयान दिया था और राहुल गांधी को प्रतिक्रिया देने का मौका नहीं दिया गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की साजिश बता रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष केवल हंगामा करने के लिए मुद्दों को तूल देता है।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला पर लगाया भेदभाव का आरोप।
सुनिए…#RahulGandhi pic.twitter.com/EdeesEclY8— Mohit Raj Dubey (@mohitrajdubey) March 26, 2025
संसद में फिर गरमाया विवाद
आज, 26 मार्च को लोकसभा में जब बजट सत्र की कार्यवाही चल रही थी, तभी राहुल गांधी किसी अहम मुद्दे पर बोलने के लिए खड़े हुए। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इस पर राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा, “जब भी मैं खड़ा होता हूं, मुझे बोलने से रोका जाता है। यह लोकतंत्र की हत्या है।”
इसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में शोरगुल बढ़ने पर कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार पर हमला बोला और कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया जाता।
विपक्ष के आरोप और सरकार का रुख
Rahul Gandhi का कहना है कि संसद में सत्ता पक्ष का पूरी तरह से नियंत्रण है और विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “लोकतंत्र में सभी को बोलने का हक है। सरकार विपक्ष की आवाज क्यों दबा रही है?”
वहीं, सरकार की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन भाजपा के कई नेताओं ने इसे विपक्ष का राजनीतिक स्टंट करार दिया है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब Rahul Gandhi ने अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाया है। जून 2024 में NEET मुद्दे पर भी उन्होंने यही दावा किया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने गलत बताया था। अब देखना यह होगा कि बजट सत्र के शेष दिनों में यह विवाद और कितना बढ़ता है।