Hormuz strait update: ईरान से जुड़े तनाव का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है। खासकर तेल और गैस की सप्लाई पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा है। कई देशों में ईंधन की कमी की स्थिति बन गई है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा, जहां एलपीजी गैस को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
भारत के लिए राहत भरी खबर
अब इस संकट के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत के दो जहाज, जो एलपीजी और कच्चा तेल लेकर आ रहे थे, सुरक्षित देश पहुंच चुके हैं। नंदा देवी जहाज और जग लाडकी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत के पश्चिमी तट पर पहुंच गए हैं।
कहां पहुंचे जहाज
एलपीजी से भरा ‘नंदा देवी’ जहाज गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसमें करीब 46 हजार टन एलपीजी है। वहीं, ‘जग लाडकी’ जहाज 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंच रहा है। इससे पहले ‘शिवालिक’ नाम का जहाज भी एलपीजी लेकर यहां पहुंच चुका है।
कतर से शुरू हुआ सफर
बताया जा रहा है कि ‘नंदा देवी’ जहाज 1 मार्च को कतर के रास लाफान बंदरगाह से रवाना हुआ था। करीब दो हफ्ते की यात्रा के बाद यह भारत पहुंचा। इस दौरान जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना पड़ा, जो इस समय काफी संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है।
सरकार ने दी जानकारी
सरकार के अनुसार, दोनों जहाज सुरक्षित तरीके से खुले समुद्र में पहुंच गए थे और अब भारत में प्रवेश कर चुके हैं। ये जहाज सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं।अधिकारियों ने बताया कि फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कितने जहाज और नाविक मौजूद
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें 611 नाविक सवार थे। अच्छी बात यह है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं है और सभी लोग सुरक्षित हैं।
क्यों अहम है होर्मुज मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक सप्लाई को प्रभावित कर सकता है।
इससे क्या होगा असर
इन जहाजों के भारत पहुंचने से एलपीजी और तेल की सप्लाई में सुधार आने की उम्मीद है। इससे देश में गैस की किल्लत कम हो सकती है और आम लोगों को राहत मिल सकती है। सरकार और बंदरगाह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

