Viral Girl Monalisa Case: प्रेम विवाह के बाद अब उम्र विवाद में फंसी, क्यों इंदौर हाईकोर्ट में लगाई याचिका

कुंभ मेले से वायरल हुई मोनालिसा अब अपने प्रेम विवाह और उम्र विवाद को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने पति फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण केस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में खुद को बालिग बताते हुए याचिका दायर की है।

Monalisa Love Marriage Controversy: प्रयागराज कुंभ मेले में माला बेचते हुए अपनी खूबसूरत आंखों की वजह से सोशल मीडिया पर वायरल हुई मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई वीडियो या फोटो नहीं, बल्कि उनका प्रेम विवाह, उम्र विवाद और अदालत तक पहुंचा मामला है। मध्य प्रदेश के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा ने अपने पति फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण केस को चुनौती देते हुए इंदौर हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत में दावा किया है कि वह बालिग हैं और सरकारी रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि गलत दर्ज की गई है।

फिल्म शूटिंग के दौरान हुई मुलाकात

बताया जा रहा है कि कुंभ मेले में वायरल होने के बाद मोनालिसा को एक फिल्म का ऑफर मिला था। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान खान से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया। इसके बाद दोनों ने 11 मार्च 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में शादी कर ली।

पिता ने दर्ज कराया अपहरण का केस

मोनालिसा के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी नाबालिग है और फरमान खान उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस फरमान की तलाश कर रही थी, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। मोनालिसा खुद अपने पति के समर्थन में हाईकोर्ट पहुंच गई हैं।

जन्मतिथि को लेकर बढ़ा विवाद

मोनालिसा की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि उनकी असली जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है। इस हिसाब से वह पूरी तरह बालिग हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में 1 जनवरी 2009 की जन्मतिथि गलत तरीके से दर्ज कराई गई है। मोनालिसा का कहना है कि उनके वोटर आईडी और दूसरे दस्तावेज सही जन्मतिथि के आधार पर बने हुए हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और असली जन्म प्रमाण पत्र सामने लाया जाए।

कई पक्षों को बनाया गया पक्षकार

इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश के डीजीपी, केरल के डीजीपी और मोनालिसा के पिता को भी पक्षकार बनाया गया है। अदालत से अपील की गई है कि किसी सक्षम अधिकारी से पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

अब अदालत के फैसले पर नजर

महाकुंभ के घाटों से शुरू हुई यह कहानी अब अदालत तक पहुंच चुकी है। अब सभी की नजर इंदौर हाईकोर्ट पर टिकी है, जो दस्तावेजों और सबूतों की जांच के बाद इस प्रेम विवाह और उम्र विवाद पर फैसला सुनाएगा।

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