Onion Price Hike:कमजोर आवक, मौसम और बुवाई में देरी किस वजह से प्याज के दाम में आया उछाल; सरकार ने शुरू की ‘कांदा एक्सप्रेस’

प्याज की औसत कीमत 42 रुपये किलो पहुंच गई है। दिल्ली में भाव 65 रुपये तक है। कमजोर आवक, मौसम और बुवाई में देरी से कीमतें बढ़ीं। सरकार ने राहत के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू की है।

Onion Price Hike

Onion Price Hike: प्याज की कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। देश के कई हिस्सों में पिछले एक महीने के दौरान प्याज के दाम करीब दोगुने हो गए हैं। शनिवार को प्याज की औसत कीमत 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 45 फीसदी और एक महीने पहले की तुलना में 19 फीसदी ज्यादा है। दिल्ली में प्याज 65 रुपये किलो तक बिक रहा है, जबकि एक साल पहले इसका भाव 35 रुपये था।

शहरों में महंगाई

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चेन्नई में भी प्याज की कीमत 58 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। पिछले साल यहां प्याज करीब 33 रुपये किलो बिक रहा था। इसके अलावा केरल और असम के कुछ इलाकों में भी प्याज के दाम राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर हैं। बढ़ती कीमतों का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ रहा है और आने वाले दिनों में राहत मिलने को लेकर भी लोगों की नजरें सरकार के कदम पर टिकी हैं।

नासिक में तेजी

देश की सबसे बड़ी प्याज मंडियों में शामिल नासिक में भी कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले एक महीने में यहां प्याज के भाव में करीब 76 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। एक महीने पहले मंडी में प्याज करीब 2,050 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, जो अब बढ़कर 3,600 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गया है। महाराष्ट्र प्याज का देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, इसलिए यहां कीमतों में बदलाव का असर पूरे बाजार पर पड़ता है।

बढ़ते दाम कारण

प्याज की कीमत बढ़ने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। मॉनसून की अनिश्चितता के चलते खरीफ प्याज की बुवाई में देरी हुई है। इसके अलावा मंडियों में आवक कमजोर रहने और सरकारी खरीद घटने से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में 5 से 7 फीसदी तक गिरावट की खबरों ने भी कीमतों को ऊपर पहुंचाया है। वहीं, जमाखोरी की वजह से भी बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।

कांदा एक्सप्रेस शुरू

कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने का फैसला किया है। सरकार नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाएगी। इन शहरों में प्याज की कीमत राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर इसे कम कीमत पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।

आगे क्या होगा?

आमतौर पर अगस्त और सितंबर में प्याज के दाम बढ़ते हैं, क्योंकि इस दौरान रबी फसल का भंडार कम होने लगता है और खरीफ फसल की नई आवक में समय लगता है। इस बार खराब मौसम और बुवाई में देरी ने स्थिति को और मुश्किल बनाया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों की मांग पूरी करने के लिए सरकार और किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ऐसे में बफर स्टॉक बाजार में आने के बाद कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।

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