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यौन उत्पीड़न केस में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद, मोहाली जिला अदालत का ऐतिहासिक फैसला

Bajinder Singh

Bajinder Singh : पास्टर बजिंदर सिंह को मोहाली जिला अदालत ने दुराचार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में एक नाबालिक लड़की की शिकायत पर दर्ज हुआ था। बाद में पुलिस ने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। 28 मार्च को जिला अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और बाद में उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया। ईसाई धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को आज रेप केस में सजा सुनाई गई।

आपको बता दें कि मोहाली की जिला अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा दी है। 3 दिन पहले मोहाली कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया था। यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि बजिंदर सिंह ने उसे विदेश भेजने का वादा करके बहकाया और मोहाली के सेक्टर 63 स्थित अपने घर पर उसके साथ बलात्कार किया और इसका वीडियो भी बना लिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर उसने उसकी मांगें नहीं मानीं तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा।

लगे आरोपों को बताया था झूठा 

खुद को निर्दोष बताते हुए पादरी ने आरोपों को नकारा था। यह सजा उस समय दी गई, जब पादरी 28 फरवरी को एक अन्य यौन उत्पीड़न के मामले में जांच का सामना कर रहे थे। कपूरथला पुलिस ने महिला द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को बेमानी और झूठा बताया था।

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वहीं, 25 मार्च को मोहाली पुलिस ने पादरी के खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया। इससे पहले सोशल मीडिया पर पादरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक महिला से बहस करते हुए उसे थप्पड़ मारते नजर आ रहे थे। इस वीडियो में पादरी पहले महिला पर किताब फेंकता है और फिर उसके पास जाकर मारपीट करता है।

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