Petrol Diesel Price Hike:शुक्रवार सुबह महंगाई का बड़ा झटका देशभर में बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जनता जेब पर बढ़ा बोझ

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कच्चे तेल के महंगे होने और पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम जनता और वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है।

Petrol diesel price hike India

 Petrol diesel price hike India:शुक्रवार सुबह आम लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नए दाम लागू होने के बाद लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। नई दरों के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत में करीब 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल भी 3 रुपये से अधिक महंगा हो गया है। राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 97.91 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 2022 के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतना बड़ा बदलाव हुआ है।

प्रीमियम पेट्रोल भी हुआ महंगा

सिर्फ सामान्य पेट्रोल ही नहीं, बल्कि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले जो प्रीमियम पेट्रोल 102 से 104 रुपये प्रति लीटर के बीच मिल रहा था, अब उसकी कीमत बढ़कर 105.14 रुपये से 107.14 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ सकता है।

बड़े शहरों में क्या हैं नए रेट?

देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के नए दाम लागू हो चुके हैं। दिल्ली में पेट्रोल 97.91 रुपये और डीजल 90.78 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पेट्रोल 106.54 रुपये और डीजल 98 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 108.94 रुपये और डीजल 95.13 रुपये पहुंच गया है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इसके अलावा बेंगलुरु, नोएडा और जयपुर जैसे शहरों में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आखिर क्यों बढ़े तेल के दाम?

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी सबसे बड़ी वजह है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के आसपास बने हालात से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल

विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का असर सीधे भारत पर पड़ता है। पमार्केट एक्सपर्ट अरविंद घोष के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। अब तक सरकार और कंपनियां इस बोझ को संभाल रही थीं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना मुश्किल हो गया था।

आरबीआई गवर्नर ने भी दिए थे संकेत

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पहले ही संकेत दिए थे कि अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबा चला, तो पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा था कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार नुकसान झेल रही हैं और सरकार पर भी आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से सरकार ने चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया, ताकि लोगों पर अचानक ज्यादा बोझ न पड़े।

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