PM Kisan Registration Drive:प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। इसी बीच राज्य सरकार गांवों में एक बड़ा अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसका मकसद है कि प्रदेश का कोई भी पात्र किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित न रह जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में करीब 14.7 प्रतिशत किसान अभी तक पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे किसान न सिर्फ सम्मान निधि, बल्कि खेती-किसानी से जुड़ी कई दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं।
आधा दर्जन विभाग मिलकर चलाएंगे संयुक्त अभियान
राज्य सरकार अब गैर पंजीकृत किसानों को चिन्हित करने के लिए संयुक्त अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान में कृषि, उद्यान, राजस्व, गन्ना, पशुपालन और मत्स्य विभाग शामिल होंगे। इन विभागों के कर्मचारी गांव-गांव जाकर ऐसे काश्तकारों की पहचान करेंगे, जिनका अब तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, और उनका रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा सख्त नियम
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को साफ निर्देश दिए हैं कि 1 अप्रैल 2026 के बाद पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त सिर्फ उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जिनका पोर्टल पर पंजीकरण पूरा होगा। इसी वजह से राज्य सरकार पंजीकरण को लेकर सख्ती बरत रही है। सरकार ने 26 जनवरी के बाद प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। किसानों से भी अपील की गई है कि वे तय समय के भीतर अपना पंजीकरण जरूर कराएं, ताकि आगे मिलने वाली किस्त न रुके।
हर जिले और विकास खंड में लगेंगे शिविर
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीएम किसान पोर्टल पर किसानों का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए बड़े स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। हर विकास खंड में कम से कम एक शिविर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि किसानों को पंजीकरण में किसी तरह की परेशानी न हो।
तकनीकी कारण भी बने रुकावट
कई किसानों का पंजीकरण तकनीकी कारणों से भी नहीं हो पाया है। कुछ किसान ऐसे हैं जो सरकारी नौकरी में हैं या आयकर दाता हैं, इसलिए वे योजना के दायरे में नहीं आते। वहीं, बड़ी संख्या उन किसानों की भी है जिनका आधार अपडेट नहीं है या बैंक खाते की जानकारी गलत है। अभियान के दौरान इन सभी समस्याओं को मौके पर ही ठीक कराने की योजना है।
अब तक 21 किस्तें हो चुकी हैं जारी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस योजना में हर चार महीने पर 2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में भेजे जाते हैं। नवंबर में जारी 21वीं किस्त में प्रदेश के 2 करोड़ 15 लाख से ज्यादा किसानों को 4,314 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली थी।
प्रमुख जिलों में पंजीकरण की स्थिति
प्रदेश के कई जिलों में पंजीकरण का प्रतिशत अलग-अलग है। हरदोई, पीलीभीत और रामपुर जैसे जिलों में स्थिति बेहतर है, जबकि गाजियाबाद और बरेली जैसे जिलों में अभी और काम करने की जरूरत है।









