Ambedkar Jayanti 2026: ‘नारी शक्ति’ के लिए पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, 16 अप्रैल से संसद में होगी अहम चर्चा

अंबेडकर जयंती 2026 पर पीएम मोदी ने बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दी और घोषणा की कि 16 अप्रैल से संसद में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने पर निर्णायक चर्चा होगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने और 2029 चुनावों से पहले महिलाओं को विधायी संस्थानों में उचित प्रतिनिधित्व देने का एक बड़ा अवसर बताया है।

Ambedkar Jayanti 2026: आज 14 अप्रैल 2026 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के ‘प्रेरणा स्थल’ पर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने देश की नारी शक्ति के लिए एक बहुत बड़ा संदेश दिया है।प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि 16 अप्रैल 2026 से संसद का विशेष सत्र शुरू होगा, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) के कार्यान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।

पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति’ को समर्पित संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बाबासाहेब के लिंग समानता के विजन को याद करते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है जब महिलाओं की भागीदारी विधायी संस्थाओं में पूरी तरह सुनिश्चित की जाए।

 ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर ऐतिहासिक कदम

* 16 अप्रैल से चर्चा: प्रधानमंत्री ने बताया कि 16 अप्रैल को संसद का सत्र विशेष रूप से इस विधेयक के कार्यान्वयन पर केंद्रित होगा। इसका उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) आरक्षण को पूरी तरह लागू करना है।

 संविधान का सम्मान

पीएम ने कहा कि बाबासाहेब एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहाँ समानता केवल किताबों में न हो, बल्कि व्यवहार में दिखे। महिलाओं को आरक्षण देना उसी विजन को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

महिलाओं के लिए बड़े मौके

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि भारत की बेटियाँ अब केवल घरों तक सीमित नहीं हैं:

* विज्ञान और खेल: अंतरिक्ष से लेकर खेल के मैदानों तक, महिलाओं ने पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर अपनी जगह बनाई है।
* राजनीति में भागीदारी: 16 अप्रैल की चर्चा के बाद, राजनीति में महिलाओं की आवाज और अधिक सशक्त होगी, जो लोकतंत्र को और अधिक जीवंत बनाएगी।

विकसित भारत’ के लिए नारी शक्ति अनिवार्य

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ‘नॉन-नेगोशिएबल’ (अनिवार्य) है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में सहयोग करें।

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