PM Modi SCO Summit 2025: जिनपिंग से मुलाकात, ग्रुप फोटो सेशन में मोदी-पुतिन-शहबाज एक मंच पर, ‘होंगची कार’ बनी आकर्षण का केंद्र

पीएम मोदी चीन में SCO समिट: तिआनजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत हुआ। SCO समिट में मोदी, शी जिनपिंग, पुतिन और शहबाज शरीफ एक मंच पर दिखे। पीएम मोदी के लिए चीन ने विशेष ‘होंगची कार’ उपलब्ध कराई।

PM Modi SCO Summit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। तिआनजिन में आयोजित इस समिट में पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेता एक मंच पर नजर आए। ग्रुप फोटो सेशन के दौरान नेताओं की मौजूदगी चर्चा में रही। इस बीच, पीएम मोदी के लिए चीन सरकार ने विशेष ‘होंगची कार’ उपलब्ध कराई, जो चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की भी ऑफिशियल कार है। ‘होंगची’, जिसका अर्थ है ‘रेड फ्लैग’, चीन का प्रतिष्ठित लग्जरी ब्रांड है। पीएम मोदी की जिनपिंग से 40 मिनट लंबी मुलाकात में आतंकवाद और द्विपक्षीय सहयोग पर भी गहन चर्चा हुई।

PM Modi  Hongchi Car

SCO समिट में पीएम मोदी का भव्य स्वागत

तिआनजिन पहुंचे PM Modi का चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद SCO नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ, जिसमें पीएम मोदी, शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और शहबाज शरीफ समेत कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। इस तस्वीर को SCO समिट का सबसे अहम पल माना जा रहा है, क्योंकि यह संगठन के भीतर भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान की साझा उपस्थिति और कूटनीतिक अहमियत को दर्शाता है।

पीएम मोदी के लिए चीन की ‘होंगची कार’

चीन में PM Modi के प्रवास के दौरान उन्हें विशेष ‘होंगची L5’ कार उपलब्ध कराई गई है। यह वही लग्जरी कार है जिसका उपयोग राष्ट्रपति शी जिनपिंग आधिकारिक दौरों पर करते हैं। ‘होंगची’, जिसका मतलब ‘रेड फ्लैग’ है, चीन की प्रतिष्ठा और तकनीकी ताकत का प्रतीक माना जाता है। इसे “मेड इन चाइना” का गौरवशाली प्रतीक कहा जाता है। महाबलीपुरम शिखर सम्मेलन के दौरान भी शी जिनपिंग इसी मॉडल की कार में सवार हुए थे।

मोदी-जिनपिंग बैठक में उठे अहम मुद्दे

SCO शिखर सम्मेलन से पहले PM Modi और शी जिनपिंग के बीच करीब 40 मिनट लंबी द्विपक्षीय बैठक हुई। मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए कहा कि यह वैश्विक खतरा है और इसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने चीन से भी आतंकवाद के खिलाफ साझा सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया। वहीं, शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी, भरोसेमंद साझेदार और ऐसे मित्र बनना चाहिए जो एक-दूसरे की सफलता में सहयोगी हों।

 

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