Sunday, June 7, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home राष्ट्रीय

R E L Fraud Case: सेबी की रिपोर्ट से मचा हड़कंप, राजेश एक्सपोर्ट्स पर फर्जी कारोबार और निवेशकों को भारी नुकसान का आरोप

सेबी की जांच में राजेश एक्सपोर्ट्स पर ₹15.15 लाख करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाने का आरोप लगा है। मामले में कई एजेंसियों की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

by Kirtika Tyagi
June 7, 2026
in राष्ट्रीय
Share on FacebookShare on Twitter

REL Scam Paper Business: भारतीय कॉरपोरेट दुनिया में अब तक सत्यम और पीएनबी-नीरव मोदी जैसे घोटालों की चर्चा होती रही है। लेकिन जून 2026 में सामने आए राजेश एक्सपोर्ट्स मामले ने इन सभी मामलों को पीछे छोड़ दिया है। सेबी के अंतरिम आदेश में कंपनी और उसके प्रमोटर राजेश मेहता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि कंपनी ने केवल कागजों पर ही ₹15.15 लाख करोड़ का कारोबार दिखा दिया।

कागजों पर बनाया गया करोड़ों का कारोबार

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्शने के आदेश के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच कंपनी के कुल राजस्व का 97 से 99.8 प्रतिशत हिस्सा कथित रूप से फर्जी था। जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में स्विट्जरलैंड स्थित वैलकैम्बी गोल्ड रिफाइनरी की अहम भूमिका थी।

RELATED NEWS

SEBI Action: सेबी की जांच में राजेश एक्सपोर्ट्स पर गंभीर सवाल, ट्रेडिंग पर रोक वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू

SEBI Action: सेबी की जांच में राजेश एक्सपोर्ट्स पर गंभीर सवाल, ट्रेडिंग पर रोक वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू

June 6, 2026

कंपनी ने स्विस गोपनीयता कानूनों का हवाला देते हुए कई जरूरी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराईं। आरोप है कि बिना सोने की वास्तविक खरीद-बिक्री के केवल चालान और दस्तावेज़ों के आधार पर स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, दुबई और भारत के बीच कारोबार दिखाया गया। एक संदिग्ध कंपनी ‘अफ्लुएंस शेयर्स एंड स्टॉक्स’ के साथ भी बिना स्पष्ट समझौते के ₹11,488 करोड़ का लेनदेन दिखाया गया।

इतना कारोबार, फिर भी कम मुनाफा

शेयर बाजार में लंबे समय से यह सवाल उठता रहा कि इतनी बड़ी गोल्ड कंपनी का मुनाफा हमेशा एक प्रतिशत से भी कम क्यों रहता है। सेबी की जांच में इसका संभावित कारण भी सामने आया है। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी कथित रूप से ट्रांसफर प्राइसिंग के जरिए अपना लाभ विदेशी सहयोगी कंपनियों में स्थानांतरित कर देती थी।

इससे भारत में कर का बोझ कम हो जाता था। इसके अलावा आरोप है कि प्रमोटर राजेश मेहता ने अपनी निजी शेयर ट्रेडिंग के लिए कंपनी के ₹339 करोड़ सीधे अपने खातों में ट्रांसफर कराए। यह सब बिना बोर्ड की मंजूरी और शेयरधारकों की जानकारी के हुआ।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई में देरी

इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई इतनी देर से क्यों हुई। जानकारी के अनुसार, 11 मार्च 2024 को एक निवेशक ने सेबी को लिखित शिकायत भेजी थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में जांच टीम बनाई गई और दिसंबर में फोरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किए गए।

वहीं, दूसरी एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। डीआरआई समय रहते कथित ओवर-इनवॉइसिंग की जांच नहीं कर सकी। आयकर विभाग विदेशी कंपनियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने में तेजी नहीं दिखा पाया। ईडी को मूल अपराध घोषित होने का इंतजार करना पड़ा, जबकि एसएफआईओ ने शुरुआती दौर में इसे केवल लेखांकन संबंधी गड़बड़ी माना।

निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

जांच रिपोर्ट सामने आने से पहले ही कंपनी के शेयरों में 45 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी थी। इसका सीधा असर लाखों निवेशकों पर पड़ा। एलआईसी समेत रिटेल निवेशकों के लगभग ₹12,726 करोड़ बाजार मूल्य के रूप में प्रभावित हुए। वहीं, कैनरा बैंक पहले ही कंपनी के ₹509 करोड़ के कर्ज को तनावग्रस्त संपत्ति घोषित कर चुका है।

कंपनी ने आरोपों को बताया गलत

राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सेबी ने राजस्व और सकल लाभ के आंकड़ों को लेकर गलतफहमी पैदा की है। उन्होंने दावा किया कि ₹15.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पांच वर्षों का कुल योग है, न कि किसी एक साल का कारोबार।

हालांकि, सेबी का कहना है कि जांच के दौरान कंपनी ने अपने ईआरपी सिस्टम तक फोरेंसिक ऑडिटरों को पूरी पहुंच नहीं दी। फिलहाल सेबी ने राजेश मेहता की शेयर बाजार में ट्रेडिंग पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ईडी, एसएफआईओ और आयकर विभाग आगे क्या कदम उठाते हैं और क्या यह मामला आपराधिक कार्रवाई तक पहुंचेगा।

Tags: Rajesh ExportsSEBI Investigation
Share197Tweet123Share49

Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi is a journalist. she is working on sub-editor post and she is expert in International, National, Health, Crime, Lifestyle, Astro beat. 

Related Posts

SEBI Action: सेबी की जांच में राजेश एक्सपोर्ट्स पर गंभीर सवाल, ट्रेडिंग पर रोक वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू

SEBI Action: सेबी की जांच में राजेश एक्सपोर्ट्स पर गंभीर सवाल, ट्रेडिंग पर रोक वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू

by Kirtika Tyagi
June 6, 2026

SEBI Action On Rajesh Exports: देश की प्रमुख सोना रिफाइनिंग और ज्वेलरी कंपनियों में शामिल राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड मुश्किलों में...

Next Post
Social Media Controversy: खान सर पर 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा, अंजना ओम कश्यप की याचिका से बढ़ीं मुश्किलें

Social Media Controversy: खान सर पर 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा, अंजना ओम कश्यप की याचिका से बढ़ीं मुश्किलें

FSSAI Alert: अखबार में खाना परोसना हो सकता सेहत के लिए खतरनाक,जाने  कौन सी सकती बीमारियाँ

FSSAI Alert: अखबार में खाना परोसना हो सकता सेहत के लिए खतरनाक,जाने कौन सी सकती बीमारियाँ

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist