Sukhbir Badal Nanded Attack: पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के भीतर हमला किया गया। घटना उस समय हुई, जब सुखबीर बादल गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुकाट में दर्शन और धार्मिक कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान निहंग की वेशभूषा में मौजूद एक व्यक्ति अचानक उनके पास पहुंचा और कृपाण से वार कर दिया। हमले में उनके हाथ पर चोट लगी। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति संभालते हुए हमलावर को पकड़ लिया।
हमलावर हिरासत में
हमले के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसकी पहचान 62 वर्षीय जसपाल सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से नांदेड़ के इसी गुरुद्वारे में रह रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने हमला किस वजह से किया और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। घटना के बाद गुरुद्वारे की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
हाथ में लगी चोट
हमले के बाद सामने आए वीडियो में सुखबीर बादल अपने दाहिने हाथ पर कपड़ा बांधे नजर आए। उनके हाथ में कृपाण लगने से चोट आई थी। शिरोमणि अकाली दल की ओर से बताया गया कि उनकी हालत स्थिर है और चोट गंभीर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने उनके हाथ पर टांके भी लगाए। सुरक्षा कर्मियों की तेजी के कारण हमलावर दोबारा वार नहीं कर सका। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद सुखबीर बादल की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
2024 में फायरिंग
सुखबीर बादल पर हमला होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल परिसर में भी उन्हें निशाना बनाया गया था। उस समय सुखबीर बादल धार्मिक सजा के तहत सेवा कर रहे थे। तभी नारायण सिंह चौरा नाम के व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी। हालांकि, पास खड़े एक व्यक्ति ने हमलावर का हाथ ऊपर कर दिया, जिससे गोली सुखबीर बादल को नहीं लगी। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। उस घटना के बाद भी उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
सुरक्षा पर सवाल
करीब 20 महीने के अंतराल में धार्मिक स्थलों पर सुखबीर बादल को निशाना बनाए जाने की दो घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि उनके पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है, फिर भी हमलावर उनके बेहद करीब पहुंचने में कामयाब रहा। नांदेड़ की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच में हमले की वजह, आरोपी की पृष्ठभूमि, सुरक्षा में संभावित चूक और किसी साजिश की संभावना को देखा जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी सुरक्षा के बीच हमलावर कृपाण लेकर सुखबीर बादल तक कैसे पहुंचा।









