Vistara Flight Emergency Landing: फिल्मों में अक्सर ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं, जब विमान किसी बड़ी परेशानी में फंस जाता है और यात्रियों की सांसें थम जाती हैं। कुछ ऐसा ही अनुभव विस्तारा की फ्लाइट UK 944 के यात्रियों ने भी किया था। 15 जुलाई 2019 को मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुई यह उड़ान अचानक खराब मौसम और एयर ट्रैफिक की वजह से गंभीर संकट में फंस गई। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि विमान का ईंधन लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया था।
मुंबई से दिल्ली का सामान्य सफर
जानकारी के मुताबिक, विस्तारा का एयरबस A320neo विमान दोपहर में मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। आमतौर पर यह यात्रा करीब दो घंटे में पूरी हो जाती है। लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही मौसम ने हालात बदल दिए। दिल्ली में खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी।
दिल्ली के आसमान में लगाता रहा चक्कर
दिल्ली के ऊपर मौसम लगातार खराब बना हुआ था। ऐसे में विमान को एक घंटे से अधिक समय तक आसमान में चक्कर लगाने पड़े। इस दौरान विमान का ईंधन लगातार कम होता जा रहा था। जब हालात ज्यादा गंभीर होने लगे, तब पायलटों ने दिल्ली की बजाय करीब 420 किलोमीटर दूर स्थित लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे की ओर जाने का फैसला किया।
लखनऊ पहुंचकर भी नहीं मिली राहत
हालांकि, लखनऊ की ओर रुख करने के बाद भी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। वहां भी मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं था। इसी बीच विमान का ईंधन बेहद कम स्तर पर पहुंच गया। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, जब विमान आखिरकार सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतरा, तब उसमें केवल करीब 200 किलोग्राम ईंधन बचा था। माना जाता है कि यह मात्रा बेहद कम थी और स्थिति काफी चिंताजनक बन चुकी थी।
जांच के बाद उठाए गए सख्त कदम
इस घटना के सामने आने के बाद देश के विमानन नियामक DGCA ने मामले को गंभीरता से लिया। पूरी जांच होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया। जांच में यह देखा गया कि लखनऊ में मौसम चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद पायलटों ने ऑटोमैटिक लैंडिंग का विकल्प क्यों नहीं अपनाया और प्रयागराज की दिशा में विमान मोड़ने का फैसला क्यों किया।
एयरलाइन ने क्या कहा
घटना के बाद विस्तारा ने अपना पक्ष भी रखा। एयरलाइन ने कहा कि मौसम में अचानक आए बदलाव की वजह से यह स्थिति बनी थी। कंपनी के अनुसार, चालक दल ने हर कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया। आखिरकार लखनऊ में विमान में दोबारा ईंधन भरा गया और इसके बाद उड़ान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंची। इस तरह एक संभावित बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली।
