Women Wage Growth Report: सरकार की तरफ से जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 की रिपोर्ट में एक अहम बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल महिलाओं की कमाई में पुरुषों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी हुई है। चाहे नौकरी हो, खुद का काम हो या दिहाड़ी मजदूरी—हर क्षेत्र में महिलाओं की आय पहले से बेहतर हुई है।
तीनों क्षेत्रों में बढ़ी कमाई
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में वेतन वाली नौकरियों में महिलाओं की कमाई 7.2% बढ़ी। वहीं, स्वरोजगार में यह बढ़ोतरी 8.8% रही और दिहाड़ी मजदूरी में 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई। अगर पिछले साल यानी 2024 से तुलना करें, तो यह बढ़ोतरी ज्यादा है। दूसरी तरफ, पुरुषों की कमाई में भी बढ़ोतरी हुई, लेकिन उतनी तेज नहीं रही। वेतन वाली नौकरियों में पुरुषों की आय 5.8% बढ़ी और स्वरोजगार में 8% का इजाफा हुआ। हालांकि, दिहाड़ी मजदूरी में उनकी कमाई 0.2% घट गई।
अब भी बराबरी से दूर महिलाएं
हालांकि, यह भी सच है कि महिलाएं अभी भी पुरुषों के बराबर नहीं कमा पा रही हैं। वेतनभोगी नौकरियों में 2025 में महिलाओं की आय पुरुषों की तुलना में सिर्फ 76% ही रही। यह आंकड़ा 2022 के मुकाबले थोड़ा ही बेहतर हुआ है। दिहाड़ी मजदूरी में थोड़ी राहत जरूर दिखी है। यहां महिलाओं की कमाई पुरुषों की 69% तक पहुंच गई है, जो 2024 में 66% थी। यानी इस क्षेत्र में थोड़ा सुधार देखने को मिला है।
स्वरोजगार में सबसे ज्यादा अंतर
सबसे ज्यादा फर्क स्वरोजगार में देखने को मिलता है। इस क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों की तुलना में बहुत कम कमाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाएं यहां पुरुषों की कमाई का सिर्फ 36% ही कमा पाती हैं। यह अंतर काफी बड़ा है और चिंता की बात भी है।
रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
एक अच्छी खबर यह भी है कि नौकरी करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। 2024 में जहां वेतनभोगी नौकरियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 16.6% थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 18.2% हो गई है।
हालांकि, स्वरोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी थोड़ी कम हुई है। यह 66.5% से घटकर 64.2% रह गई। वहीं, दिहाड़ी मजदूरी में महिलाओं की भागीदारी 16.9% से बढ़कर 17.6% हो गई है।
कुल मिलाकर रोजगार की स्थिति
पूरे देश में भी रोजगार के आंकड़ों में थोड़ा सुधार देखने को मिला है। वेतनभोगी नौकरियों में लोगों की हिस्सेदारी 2024 के 22.4% से बढ़कर 2025 में 23.6% हो गई है। आम तौर पर वेतन वाली नौकरियां बेहतर मानी जाती हैं, क्योंकि इनमें सैलरी के साथ-साथ सुरक्षा और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।

