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सुपरटेक पर CBI का बड़ा एक्शन, IDBI बैंक से 126 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप!

Supertech Noida

Supertech Noida : सीबीआई ने नोएडा की मशहूर रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक लिमिटेड, इसके प्रमोटर आर. के. अरोड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इन पर IDBI बैंक से 126.07 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में आर. के. अरोड़ा के साथ-साथ संगीता अरोड़ा, मोहित अरोड़ा, पारुल अरोड़ा, विकास कंसल, प्रदीप कुमार, अनिल कुमार शर्मा और अनिल कुमार जैन के नाम भी शामिल हैं।

गुरुवार को की गई छापेमारी

जांच एजेंसी ने बीते गुरुवार को नोएडा और गाजियाबाद में आरोपियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 28.5 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। यह कार्रवाई IDBI बैंक की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि सुपरटेक और उसके निदेशकों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से 200 करोड़ रुपये का टर्म लोन हासिल किया और उसमें से 126.07 करोड़ रुपये का गबन किया। बैंक ने इस खाते को ‘जानबूझकर ऋण न चुकाने वाला’ (विलफुल डिफॉल्टर) घोषित करते हुए इसे ‘फ्रॉड’ की श्रेणी में डाल दिया है। विलफुल डिफॉल्टर वह होता है जो सक्षम होने के बावजूद कर्ज की अदायगी नहीं करता।

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2014 में मिला था लोन

IANS की रिपोर्ट के अनुसार, FIR बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच, सीबीआई द्वारा दर्ज की गई, जो IDBI बैंक के एनपीए मैनेजमेंट ग्रुप के डिप्टी जनरल मैनेजर हरि कुमार मीना की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में बताया गया कि 2014 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में एक कंसोर्टियम बैंकिंग व्यवस्था के तहत सुपरटेक को 200 करोड़ रुपये का टर्म लोन दिया गया था। लेकिन मार्च 2017 से कंपनी ने किश्तों का भुगतान रोक दिया, जिससे IDBI बैंक का 126.07 करोड़ रुपये अब तक बकाया है। यह मामला अब CBI की जांच के घेरे में है और इसमें कई बड़े नामों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

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