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YEIDA Plot Scheme:खाली पड़े प्लॉटों की पहचान पूरी, दिसंबर में लॉन्च होगी नई इंडस्ट्रियल स्कीम कितने वर्गमीटर के प्लॉट होंगे शामिल

yamuna authority plot scheme news

Yamuna Authority Industrial Plot Scheme: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने दिसंबर तक एक और नई इंडस्ट्रियल प्लॉट स्कीम लाने की तैयारी तेज कर दी है। इस बार स्कीम खास तौर पर छोटे उद्योगों के लिए बनाई जा रही है, जिसमें 8,000 स्क्वायर मीटर तक के प्लॉट शामिल होंगे। ये सभी प्लॉट ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे। अथॉरिटी के मुताबिक, इंडस्ट्रियल सेक्टरों में खाली पड़े प्लॉटों की पहचान लगभग पूरी कर ली गई है।

बढ़ती मांग को देखते हुए अथॉरिटी छोटे प्लॉटों के लिए ला रही नई योजना

अब तक यमुना अथॉरिटी विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 3,041 इंडस्ट्रियल प्लॉट अलॉट कर चुकी है। इसके बावजूद कई प्लॉट अभी भी आवंटन से बाहर थे, क्योंकि जमीन से जुड़े कानूनी विवाद सुलझे नहीं थे। अथॉरिटी ने पिछले कुछ महीनों में इनमें से ज्यादातर विवादों को निपटा लिया है और जमीन पर दोबारा कब्जा भी ले लिया गया है। विवाद सुलझने के बाद इन प्लॉटों को विकसित करके स्कीम में शामिल किया जा रहा है, जिससे उद्योगों को नई जगह मिल सके।

अधिकारियों ने बताया कि नई स्कीम में कितने प्लॉट शामिल होंगे, इसकी अंतिम सूची जल्द जारी की जाएगी। पिछली बार 8,000 स्क्वायर मीटर तक के 37 प्लॉटों के लिए अथॉरिटी को कुल 527 आवेदन मिले थे। लेकिन जांच-पड़ताल के बाद सिर्फ 448 आवेदन ही पात्र पाए गए और उन्हें ई-ऑक्शन में शामिल किया गया। निवेशकों से मिले इस उत्साहजनक रिस्पॉन्स ने अथॉरिटी को एक और स्कीम लाने के लिए प्रेरित किया है।

प्लॉट हुए तैयार, निवेशकों को मिलेगा मौका

यमुना अथॉरिटी के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि छोटे इंडस्ट्रियल प्लॉट की डिमांड लगातार बढ़ रही है। कई निवेशक बड़े प्लॉट नहीं खरीद पाते, ऐसे में छोटे प्लॉट उनके लिए बेहतर विकल्प बनते हैं। उन्होंने बताया कि बचे हुए और खाली पड़े प्लॉटों की पहचान कर ली गई है और अब इन्हें नए सिरे से स्कीम में रखा जाएगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण और जल्द शुरू होने वाले संचालन से YEIDA क्षेत्र में तेजी से बसावट और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यही वजह है कि कमर्शियल प्लॉटों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। अथॉरिटी इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल प्लॉटों के लिए भी एक अलग स्कीम लाने पर विचार कर रही है। सभी प्लॉटों का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से ही किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।

इस नई स्कीम से छोटे उद्योगों को बड़ा सहारा मिलेगा और क्षेत्र में औद्योगिक विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।

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