Benefits of Offering Cloves on Shivling in Sawan: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान लौंग का उपयोग सिर्फ सुगंध के लिए नहीं बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय कारणों से भी किया जाता है। खासकर सावन के महीने में भगवान शिव को लौंग चढ़ाने की परंपरा बहुत प्राचीन और प्रभावशाली मानी जाती है। लौंग को शिव-शक्ति का प्रतीक माना जाता है, और जब इसे शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है, तो इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि का प्रवेश होता है।
धार्मिक लाभ क्या हैं?
शिवलिंग पर लौंग चढ़ाने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है कि इससे जीवन की सभी परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। लौंग का जोड़ा चढ़ाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मन में स्थिरता आती है। सावन के सोमवार को अगर शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए लौंग अर्पित की जाए, तो इससे विशेष पुण्य और कृपा मिलती है।
ज्योतिष के अनुसार लाभ
ज्योतिष के अनुसार, लौंग एक शक्तिशाली उपाय है। शिवलिंग पर लौंग अर्पित करने से शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों के बुरे प्रभावों से बचाव होता है। साथ ही, यह उपाय उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी होता है जिन्हें आर्थिक तंगी, तनाव या शत्रु बाधा जैसी परेशानियां झेलनी पड़ रही हों।
विवाह में देरी? अपनाएं ये उपाय
ऐसी मान्यता है कि यदि किसी कन्या या युवक का विवाह लंबे समय से अटका हो या मनचाहा जीवनसाथी न मिल रहा हो, तो सावन के सोमवार को शिवलिंग पर लौंग का जोड़ा चढ़ाना बहुत लाभकारी होता है। इससे विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और जल्दी शादी के योग बनते हैं।
कब और कैसे चढ़ाएं लौंग?
शिवलिंग पर लौंग चढ़ाने का कोई निश्चित दिन नहीं है, लेकिन सावन के सोमवार, महाशिवरात्रि और प्रभोष्ठि जैसे पावन अवसरों पर यह उपाय विशेष फलदायी माना गया है।
पूजा विधि:
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
इसके बाद दो लौंग का जोड़ा लेकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
पूजा के अंत में भगवान शिव से अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित ज्योतिषीय धारणाओं पर आधारित है। news1india इसकी पुष्टि नहीं करता और इसे केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।