वास्तु शास्त्र:जाने किस दिशा में कौन सा पौधा लगाना होगा है शुभ, वरना हो सकता है वास्तु दोष

हिंदू धर्म में पेड़ पौधों का बहुत ही अधिक महत्व है कहते हैं इसमें देवताओं का वास होता है वास्तु के अनुसार जानते हैं। किस दिशा में कौन सा पौधा लगाए, जिससे धन से भरी रहेगी आपकी तिजोरी,यदि हमने गलत दिशा में कोई पौधा लगा दिया तो वह फायदा देने की जगह नुकसान देगा

Vastu tips for plants and positive energy

Vastu Tips For Plants: सनातन धर्म में पेड़-पौधों को विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ पौधों में देवी-देवताओं का वास होता है। उदाहरण के तौर पर, तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि तुलसी की नियमित पूजा करने और इसे सही दिशा में लगाने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को शुभ दिशा में लगाने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है। आइए जानते हैं, किस पौधे को किस दिशा में लगाने से आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

धन की वृद्धि के लिए तुलसी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा उत्तर दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में तुलसी रखने से घर में खुशियां आती हैं और धन की कमी नहीं होती। साथ ही, इसे पूर्व दिशा में लगाने से परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।

सुख-समृद्धि लाएगा मनी प्लांट

मनी प्लांट को घर के अंदर लगाने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को सही माना गया है। इस दिशा को कुबेर और बुध से जोड़ा जाता है, जिनको धन का देवता माना जाता है। जो घर में positive energy का संचार करते हैं। मनी प्लांट को इस दिशा में लगाने से सुख और धन दौलत में बढ़ोतरी होती है।

वैवाहिक जीवन के लिए चमेली लगाए

अगर आप चाहते हैं कि घर में क्लेश ना रहे और आपके (पति-पत्नी ) के रिश्ते मधुर बने रहें, तो दक्षिण दिशा में चमेली का पौधा लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में चमेली का पौधा लगाने से दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहता है और घर में शांति बनी रहती है।

पॉजिटिव एनर्जी के लिए कुछ अन्य पौधे

आंवले का पौधा घर के पूर्वी भाग में लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। वहीं, नीम का पौधा दक्षिण दिशा में लगाने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से आपको और आपके परिवार को छुटकारा मिलता है।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। यहां दी गई बातें धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपने विवेक और विशेषज्ञ की सलाह लें।

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