Brahmavart Ghat: हिंदू धर्मग्रंथों में सृष्टि की रचना को लेकर कई मान्यताएं मिलती हैं। माना जाता है कि सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा हैं, लेकिन इसकी शुरुआत किस स्थान से हुई, इस विषय पर विभिन्न पुराणों में अलग-अलग उल्लेख मिलता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित बिठूर का ब्रह्मावर्त घाट वह पवित्र स्थान है, जहां से भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना का कार्य आरंभ किया था। यह मान्यता आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
ब्रह्मावर्त घाट का पौराणिक महत्व
ब्रह्मवैवर्त पुराण के ब्रह्मखंड में उल्लेख मिलता है कि भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना से पहले ब्रह्मावर्त क्षेत्र में 99 अश्वमेध यज्ञ किए थे। उस समय इस स्थान को ब्रह्मावर्त कहा जाता था, जो समय के साथ बदलकर बिठूर के नाम से प्रसिद्ध हो गया। गंगा तट पर स्थित यह घाट आज भी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
‘धरती की नाभि’ मानी जाती है ब्रह्म खूंटी
ब्रह्मावर्त घाट पर स्थित ब्रह्म खूंटी को विशेष महत्व प्राप्त है। यह एक उभरा हुआ स्थल है, जिसके बीच में एक छेद है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे ‘धरती की नाभि’ कहा जाता है। जिस प्रकार मनुष्य के जीवन की शुरुआत नाभि से जुड़े विकास से होती है, उसी प्रकार इस स्थान को सृष्टि का प्रारंभिक केंद्र माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहीं से सृष्टि निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
ब्रह्मा जी के चरणचिह्न और मनु-शतरूपा की कथा
बिठूर में स्थित एक मंदिर में शिला पर भगवान ब्रह्मा के चरणचिह्न होने की मान्यता है। श्रद्धालु इन चरणों की पूजा-अर्चना करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सृष्टि की रचना के बाद भगवान ब्रह्मा ने यहीं मनु और शतरूपा का सृजन किया था, जिन्हें पृथ्वी का प्रथम पुरुष और प्रथम स्त्री माना जाता है। इन्हीं से मानव वंश की शुरुआत होने का उल्लेख मिलता है।
आस्था का प्रमुख केंद्र
धार्मिक मान्यताओं के कारण बिठूर का ब्रह्मावर्त घाट देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। गंगा तट पर स्थित यह स्थल धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और स्नान के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, सृष्टि की शुरुआत से जुड़ी ये बातें धार्मिक ग्रंथों और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिनकी ऐतिहासिक या वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। News1 India इसकी पुष्टि नहीं करता है।
