Nautapa 2026: देशभर में भीषण गर्मी के बीच आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है, जो 02 जून 2026 तक चलेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार नौतपा वह 9 दिन होते हैं जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लगभग सीधी पड़ती हैं और तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। इन दिनों को मौसम और धार्मिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा का संबंध सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से है। जब सूर्य इस नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो पृथ्वी पर गर्मी सबसे अधिक महसूस की जाती है। इसे सूर्य देव की प्रचंड ऊर्जा का समय माना जाता है।
सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व
नौतपा के दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और सूर्य देव को जल अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों सूर्य उपासना करने से आत्मबल, स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। कई श्रद्धालु इन दिनों व्रत और नियमों का पालन भी करते हैं।
पिता और बुजुर्गों का सम्मान जरूरी
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य देव को पिता का कारक माना जाता है। इसलिए नौतपा ही नहीं, सामान्य जीवन में भी पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान अपमान करने से जीवन में बाधाएं बढ़ सकती हैं और मानसिक तनाव भी उत्पन्न हो सकता है।
देर तक सोने से बचने की सलाह
नौतपा के दौरान देर तक सोना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस समय ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। सुबह जल्दी उठने से न केवल शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है, बल्कि दिन की शुरुआत भी सकारात्मक होती है।
शुभ कार्यों की शुरुआत न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय या किसी बड़े कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि इस अवधि में सूर्य की तीव्र ऊर्जा के कारण नए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं और परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर हो सकते हैं।
लंबी यात्राओं से बचने की सलाह
इन 9 दिनों में लंबी यात्राओं से बचने की भी सलाह दी जाती है। तेज गर्मी और लू के कारण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की बात कही जाती है। चिकित्सक भी इस दौरान हाइड्रेशन और सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
तामसिक भोजन से दूरी जरूरी
नौतपा में मांसाहार, शराब और नशीले पदार्थों के सेवन से बचने की परंपरा बताई जाती है। धार्मिक दृष्टि से इसे शरीर और मन दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला माना गया है। इसके बजाय सात्विक भोजन, फल और हल्का आहार लेने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य और जीवन पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान बढ़ती गर्मी का असर सीधे स्वास्थ्य पर पड़ता है। डिहाइड्रेशन, लू लगना और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचना जरूरी माना जाता है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। News1 india इसकी पुष्टि नहीं करता है।
