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नवरात्रि के 7 वें दिन कालरात्रि मां के स्वरूप की पूजा भक्तों को देगी मनोवांछित फल

23 मार्च 2023 आज नवरात्रि का 7 वां दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। भक्त मां को शुभंकरी नाम से भी जानते है। ऐसा इसलिए मां कालरात्रि का स्वरूप काफी भयावह दिखाई देता है। लेकिन हमेशा शुभ फल अपने भक्तों को प्रदान करने वाली देवी का स्वरपूप होती है, मां कालरात्रि इसी कारण भक्त इन्हे इस नाम से भी पुकारा करते है।

दुष्टों दानवो और राक्षसो के लिए मां कालरात्रि का सिर्फ नाम ही काफी होता है इनके स्मरण मात्र से ही सभी दानव राक्षस आदी भयभीत होकर दूर भाग जाते है। गृह बाधा को दूर करने के लिए मां की उपासना फलदाई साबित होती है। कहा जाता है देवी के इस स्वरूप की पूजा साधक को सभी भय,द्वेष और दुखों से मुक्ति मिलती है। मां को नीला रंग अतिप्रीय है पूजा के समय साधक इस रंग के वस्त पहन कर मां की पूजा कर सकता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार मां का ये स्वरूप चण्ड-मुण्ड के नाश के लिए पृथवी पर प्रकट हुआ था। बता दें माता के इस स्वरूप की पूजा के लिए साधक गंगा जल, पंचामृत, पुष्प, गंध, अक्षत से माता की पूजा करे पूजा में इस मंत्र के उच्चारण से मां की कृपा अपने भक्तों पर सदैव के लिए बनी रहती है।

देवी कालरात्रि की पूजा का मंत्र ‘दंष्ट्राकरालवदने शिरोमालाविभूषणे.

चामुण्डे मुण्डमथने नारायणि नमोऽस्तु ते। या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता.

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः’.

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