Hindu Rituals: जब भी कोई व्यक्ति अपने सपनों का घर बनाने की शुरुआत करता है, तो सबसे पहले भूमि पूजन किया जाता है। सनातन धर्म में भूमि पूजन को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस पूजा के जरिए धरती माता और वास्तु देव से नए घर के लिए आशीर्वाद लिया जाता है।
आपने अक्सर देखा होगा कि घर की नींव खोदने के समय पूजा के दौरान चांदी का छोटा सा सांप और पानी से भरा कलश रखा जाता है। लेकिन आखिर इन चीजों को नींव में रखने की परंपरा क्यों है? इनके पीछे कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
नींव में चांदी का सांप क्यों रखा जाता है?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, शेषनाग अपने फन पर पूरी पृथ्वी का भार संभालते हैं। उन्हें धरती की मजबूती और संतुलन से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से भूमि पूजन के समय नींव में चांदी का सर्प रखने की परंपरा बताई जाती है।
ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, चांदी का सर्प रखने का उद्देश्य शेषनाग देव का आह्वान करना होता है। इसके पीछे यह भावना होती है कि जिस तरह शेषनाग पृथ्वी को संभालते हैं, उसी तरह नए घर को भी मजबूती और सुरक्षा मिले।
श्रीमद्भागवत पुराण के पांचवें स्कंध के 25वें अध्याय में शेषनाग के बारे में वर्णन मिलता है। वहीं, विष्णु पुराण में भी शेष देव द्वारा पृथ्वी को धारण करने का उल्लेख किया गया है। इसी धार्मिक भावना को भूमि पूजन और नींव पूजन से जोड़ा जाता है।
कलश का भी है खास महत्व
भूमि पूजन में कलश रखना भी बहुत शुभ माना जाता है। सनातन परंपरा में कलश को शुभता, समृद्धि और पूर्णता का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलश में देवताओं का वास माना जाता है और इसे घर में सुख-शांति के लिए स्थापित किया जाता है।
कलश में क्या-क्या रखा जाता है?
परंपरा के अनुसार, कलश में जल के साथ कुछ शुभ चीजें भी रखी जाती हैं। दूध और दही को पवित्रता, शुभता और जीवन में मिठास का प्रतीक माना जाता है। देसी घी और फूलों का इस्तेमाल भी पूजा को शुभ और पवित्र बनाने के लिए किया जाता है।
कलश में सिक्का रखने की भी परंपरा है। इसे धन-धान्य और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
हालांकि, इन परंपराओं का महत्व मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और मान्यताओं से जुड़ा है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भूमि पूजन की विधि और उसमें रखी जाने वाली चीजों में थोड़ा अंतर भी देखने को मिलता है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। News1 india इसकी पुष्टि नहीं करता है।









