Dilip Gavit Commonwealth Gold: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन भारत के लिए एथलेटिक्स ट्रैक से बड़ी खुशखबरी आई। पैरा एथलेटिक्स की पुरुष 100 मीटर T47 स्पर्धा में 23 वर्षीय दिलिप महादु गावित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी मुकाबले में भारत के मोहम्मद बेसिल ने सिल्वर मेडल जीतकर देश की खुशी को दोगुना कर दिया। एथलेटिक्स की स्प्रिंट स्पर्धाओं में एक साथ दो भारतीय खिलाड़ियों का पोडियम पर पहुंचना बेहद खास माना जा रहा है। इस जीत के साथ भारत के खाते में गेम्स का तीसरा स्वर्ण और कुल 15वां पदक दर्ज हो गया।
आखिरी मीटर में कमाल
ग्लासगो के स्कॉटस्टन स्टेडियम में हुए इस फाइनल की शुरुआत में मोहम्मद बेसिल और इंग्लैंड के केविन सैंटोस सबसे आगे चल रहे थे। शुरुआती हिस्से में दिलिप गावित पांचवें स्थान पर थे और उनके जीतने की संभावना कम दिखाई दे रही थी। लेकिन आखिरी 30 मीटर में उन्होंने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए सबसे पहले फिनिश लाइन पार कर ली। दिलिप ने 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता और इस कैटेगरी में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बना दिया। वहीं बेसिल ने बेहद करीबी फोटो फिनिश में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
संघर्ष से सफलता तक
महाराष्ट्र के नासिक जिले के रहने वाले दिलिप महादु गावित का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बचपन में एक हादसे के दौरान पेड़ से गिरने के कारण उनका दायां हाथ काटना पड़ा। इतनी बड़ी चुनौती के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। एक हाथ के सहारे उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा और एथलेटिक्स को अपना लक्ष्य बनाया। स्थानीय कोच के मार्गदर्शन में उन्होंने स्प्रिंटिंग की बारीकियां सीखीं और लगातार मेहनत करते हुए अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2019 में वह खेलो इंडिया गेम्स में महाराष्ट्र की टीम का हिस्सा भी रहे।
बदला इवेंट, मिली सफलता
दिलिप गावित ने 2023 के हांगझू पैरा एशियन गेम्स में T47 वर्ग की 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने लंबी दूरी छोड़कर 100 मीटर स्पर्धा पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। उनका यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ। अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी। उनकी यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है और भारतीय पैरा एथलेटिक्स के बढ़ते स्तर का भी मजबूत उदाहरण है।
भारत का बढ़ा गौरव
दिलिप गावित और मोहम्मद बेसिल की इस शानदार उपलब्धि ने भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी है। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि भारतीय पैरा एथलीट विश्व स्तर पर किसी से कम नहीं हैं। दिलिप का रिकॉर्ड गोल्ड और बेसिल का सिल्वर आने वाले वर्षों में भारतीय पैरा खेलों के लिए प्रेरणादायक अध्याय माना जाएगा। पूरे देश में दोनों खिलाड़ियों की इस सफलता का जश्न मनाया जा रहा है और उनसे भविष्य में भी ऐसे ही दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।








