Smriti Mandhana : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना आज अपना 31वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी शानदार बल्लेबाज़ी, निरंतर प्रदर्शन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने दुनिया की बेहतरीन महिला क्रिकेटरों में जगह बनाई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। बड़े मुकाबलों में उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और मैच जिताने वाली पारियों ने उन्हें टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भी उनसे कई बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।
बचपन से शुरू हुआ क्रिकेट का सपना
18 जुलाई 1996 को मुंबई में जन्मीं स्मृति मंधाना का क्रिकेट से जुड़ाव बचपन से ही रहा। उनके पिता और भाई दोनों क्रिकेट खेलते थे, जिससे उन्हें भी इस खेल के प्रति रुचि पैदा हुई। परिवार ने उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके पिता को बाएं हाथ के बल्लेबाज़ पसंद थे, इसलिए स्मृति ने भी लेफ्ट हैंड बल्लेबाज़ी अपनाई। यही शैली आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। कम उम्र से ही उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया था।
कम उम्र में मिली पहचान, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाई खास जगह
सिर्फ नौ साल की उम्र में स्मृति ने महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में जगह बना ली थी। इसके दो साल बाद वह अंडर-19 टीम का भी हिस्सा बन गईं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला। 5 अप्रैल 2013 को बांग्लादेश के खिलाफ टी20 मुकाबले से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन से खुद को भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे अहम खिलाड़ियों में स्थापित कर लिया।
रिकॉर्डों और उपलब्धियों से सजा शानदार करियर
स्मृति मंधाना ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। वह तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। इसके अलावा वह दो बार आईसीसी की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का सम्मान भी जीत चुकी हैं। वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे तेज शतकीय पारी खेलने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाने और चार वनडे शतक लगाने जैसी उपलब्धियां भी उनके शानदार करियर को खास बनाती हैं। उनकी बल्लेबाज़ी ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
कप्तानी में भी दिखाया दम, भविष्य की बड़ी उम्मीद
स्मृति मंधाना ने केवल बल्लेबाज़ी ही नहीं, बल्कि कप्तानी में भी अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। उनकी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) में दो खिताब अपने नाम किए। इसी वजह से उन्हें भविष्य में भारतीय महिला टीम की स्थायी कप्तानी का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं। अब तक उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 9 मैचों में 788 रन, वनडे में 120 मैचों में 5,411 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 171 मैचों में 4,538 रन बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट में 2, वनडे में 14 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 1 शतक दर्ज है।









