Murshidabad Accident Update: मुर्शिदाबाद रेल हादसे में तीन छात्रों की मौत, गेटमैन, सुपरवाइजर निलंबित, जानिए हादसे की पूरी कहानी

मुर्शिदाबाद में रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की टक्कर से तीन छात्रों की मौत और कई घायल हो गए। रेलवे ने गेटमैन व सुपरवाइजर को निलंबित कर जांच शुरू की है। सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

Murshidabad Rail Accident: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे में तीन छात्रों की जान चली गई। यह दुर्घटना कर्णसुवर्णा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच एक रेलवे क्रॉसिंग पर हुई, जहां एक चलती यात्री ट्रेन ने रेलवे लाइन पार कर रही एक वैन को टक्कर मार दी। हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती कार्रवाई करते हुए गेटमैन व उसके सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की पूरी कहानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले एक अप ट्रेन गुजरने के कारण रेलवे फाटक बंद था। ट्रेन निकलने के बाद फाटक खोल दिया गया और सड़क पर रुका यातायात आगे बढ़ने लगा। इसी दौरान एक वैन और एक साइकिल सवार रेलवे लाइन पार कर रहे थे। तभी अचानक फाटक दोबारा बंद हो गया, जिससे दोनों बीच में ही फंस गए। उसी समय दूसरी दिशा से तेज रफ्तार यात्री ट्रेन आ गई और वैन को करीब 50 फीट तक घसीटते हुए ले गई। हादसे में साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वैन में सवार छात्रों की भी जान चली गई। कई घायल छात्रों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद रेलवे की कार्रवाई तेज

हादसे के तुरंत बाद पूर्वी रेलवे ने विशेष जांच दल को घटनास्थल पर भेजा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया सिग्नल प्रणाली में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार ट्रेन निर्धारित सिग्नल के अनुसार ही आगे बढ़ रही थी। अब जांच का मुख्य केंद्र गेटमैन की भूमिका है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय गेटमैन अपनी ड्यूटी पर मौजूद था या नहीं और फाटक दोबारा बंद होने की परिस्थितियां क्या थीं। इसी आधार पर गेटमैन और उसके सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

राजनीतिक नेताओं ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

घटना की सूचना मिलते ही बरहामपुर से भाजपा विधायक सुब्रता मैत्रा अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में स्कूली छात्रों की मौत बेहद दुखद है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व रेल राज्य मंत्री अधीर चौधरी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते तो इस हादसे को टाला जा सकता था।

जांच रिपोर्ट से तय होगी जिम्मेदारी

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह रेलवे फाटक इंटरलॉकिंग सिस्टम वाला है, जिसे मैन्युअली संचालित किया जाता है। ऐसे में यह जांच बेहद अहम होगी कि फाटक किस परिस्थिति में बंद हुआ और क्या संचालन प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई। स्थानीय लोगों ने भी रेलवे प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।

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