Muzaffarpur Hospital Fire: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और हर तरफ लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
ICU वार्ड में अचानक लगी आग
जानकारी के मुताबिक, आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने ICU वार्ड में लगी। शुरुआत में लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी। इसके साथ ही पूरे वार्ड में जहरीला धुआं भर गया। धुएं की वजह से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों में डर फैल गया। कई मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
दमकल टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। धुएं से भरे अस्पताल में घुसना आसान नहीं था, लेकिन दमकल कर्मियों ने साहस दिखाते हुए राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कई जगह खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों तक पहुंच बनाई गई। अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय के अनुसार, सुबह करीब तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी। जब टीम मौके पर पहुंची, तब ICU वार्ड पूरी तरह धुएं से भरा हुआ था। राहत अभियान के दौरान 20 से ज्यादा मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजा गया
बचाए गए मरीजों को तुरंत आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। डॉक्टर लगातार मरीजों की निगरानी कर रहे हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई परिजनों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद अस्पताल के कुछ डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों को छोड़कर चले गए। एक व्यक्ति ने बताया कि उनके पिता ICU में भर्ती थे और आग की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। उनका आरोप है कि हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने न तो समय पर जानकारी दी और न ही परिवार की कोई मदद की।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच
पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों के अलावा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन इंतजाम और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को सील कर दिया गया है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
