फुलवारी शरीफ के गोपालपुर थाना क्षेत्र में मद्य निषेध विभाग की टीम ने नकली शराब तैयार करने वाले ठिकाने पर कार्रवाई की। गुरुवार को बैरिया बस स्टैंड स्थित पिलर नंबर 187 के पास हुई छापेमारी में तीन आरोपितों को पकड़ा गया। मौके से शराब की बड़ी संख्या में खाली बोतलें, स्प्रिट, रैपर, ढक्कन और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। कार्रवाई करीब दोपहर तीन बजे निरीक्षक मद्य निषेध सुनील साव के नेतृत्व में की गई।
गुप्त सूचना पर छापा
अधिकारियों को एक दिन पहले सूचना मिली थी कि बैरिया बस स्टैंड के आसपास अवैध तरीके से नकली शराब तैयार की जा रही है। सूचना मिलने के बाद टीम ने पहले बताए गए स्थान की निगरानी और रेकी की। जब जानकारी सही पाई गई तो अधिकारियों ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद निरीक्षक सुनील साव के नेतृत्व में टीम गठित की गई और तय स्थान पर छापेमारी की गई।
हजारों बोतलें मिलीं
छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में खाली शराब की बोतलें मिलीं। इनमें लाल रंग की रॉयल चैलेंज की करीब 1000 बोतल, रॉयल ग्रीन की 221 बोतल, काले रंग की 8 पीएम की 8 खाली बोतल और व्हीजल डायल्यूशन की 510 खाली बोतल शामिल हैं। इसके अलावा एक गैलन में करीब 15 लीटर तैयार शराब और दूसरे गैलन में 18 लीटर स्प्रिट भी बरामद किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने से टीम ने अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई है।
पैकिंग का पूरा इंतजाम
अवैध शराब तैयार करने के साथ उसकी पैकिंग की भी व्यवस्था मौके पर मिली। टीम ने शराब के रैपर, बड़ी संख्या में खाली ढक्कन, एक पंचिंग मशीन और दो हाइड्रोमीटर सेट बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, इन सामानों का इस्तेमाल शराब तैयार करने और उसे बोतलों में पैक करने की प्रक्रिया में किया जा रहा था। छापेमारी स्थल से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने युशरूपुर निवासी मणिकांत, आलमगंज निवासी अजीत कुमार और खाजेकला निवासी मोहम्मद अख्तर को गिरफ्तार किया। तीनों से पूछताछ कर नकली शराब के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मद्य निषेध विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि तैयार शराब कहां सप्लाई की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नेटवर्क की तलाश जारी
छापेमारी टीम में निरीक्षक सुनील साव के साथ सहायक अवर निरीक्षक रुपेश कुमार और सिपाही संदीप, विनय व कृष्णा शामिल थे। विभाग अब बरामद सामान और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रहा है। अधिकारियों का फोकस इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने और नकली शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने पर है।
