Samastipur Road Accident: बिहार के समस्तीपुर जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के खोकसाहा से हरिचक जाने वाली मुख्य सड़क पर खदियाही बसेरा बड़ के पास हुई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और गांव में शोक का माहौल फैल गया।
बाइक और टेंपो की जोरदार टक्कर
जानकारी के अनुसार, टेंपो में सवार लोग गंगा स्नान के लिए खोकसाहा चौक से हरिचक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खदियाही बसेरा बड़ के पास एक दंपति बाइक से अपने खेत की तरफ जा रहा था। तभी बाइक और टेंपो के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया।
हादसे में बाइक सवार राजकुमार महतो और टेंपो में बैठे हरेराम सहनी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक पर सवार राजकुमार महतो की पत्नी संयुक्ता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
अस्पताल ले जाते समय महिला ने तोड़ा दम
घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विभूतिपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने संयुक्ता देवी की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस हादसे में टेंपो में सवार कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को पहले विभूतिपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि घायलों में दो लोगों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
मृतकों की पहचान हुई
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान खदियाही गांव निवासी राजकुमार महतो, उनकी पत्नी संयुक्ता देवी और खानपुर थाना क्षेत्र के अमसौर गांव निवासी हरेराम सहनी के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस जांच में जुटी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लापरवाह तरीके से वाहन चलाने वालों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस अक्सर चालान काटने तक सीमित रहती है, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर सख्ती नहीं दिखती।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में नाबालिग वाहन चलाते नजर आते हैं। कई लोग बिना लाइसेंस और उचित प्रशिक्षण के सड़क पर वाहन लेकर निकल जाते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
