राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा स्थित HPCL राजस्थान रिफाइनरी में शुक्रवार शाम एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई। रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पास तेल रिसाव के बाद धुआं उठने लगा। घटना के बाद परिसर में मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा टीमों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रिसाव के कारण आग भड़की, लेकिन इसे तेजी से नियंत्रित कर लिया गया।
15 मिनट में काबू
घटना की सूचना मिलते ही रिफाइनरी का फायर सिस्टम सक्रिय हो गया। सायरन बजने के साथ ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। अधिकारियों और आपातकालीन टीमों की त्वरित कार्रवाई से करीब 15 मिनट में स्थिति पर काबू पा लिया गया। शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी नहीं है।
पाइपलाइन में लीकेज
प्राथमिक जानकारी में तेल या हाइड्रोकार्बन के रिसाव को घटना की वजह माना जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, CDU क्षेत्र में पाइपलाइन में क्रैक आने से केरोसिन का रिसाव हुआ और इसके बाद धुआं दिखाई दिया। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल संबंधित लाइन को सुरक्षित करने और रिसाव रोकने की कार्रवाई की गई है।
पहले भी लगी थी आग
इस रिफाइनरी में इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को भी बड़ी आग लगी थी। खास बात यह थी कि यह हादसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुआ था। उस समय आग CDU यूनिट में लगी थी और उद्घाटन कार्यक्रम प्रभावित हुआ था। बाद में मरम्मत और जरूरी प्रक्रियाओं के बाद 4 जुलाई को रिफाइनरी का उद्घाटन किया गया।
सुरक्षा पर सवाल
कुछ ही महीनों के अंतराल में रिफाइनरी परिसर में दोबारा रिसाव और आग जैसी घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अप्रैल की घटना के बाद भी तकनीकी जांच और सुरक्षा उपायों पर ध्यान दिया गया था। अब ताजा घटना के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिसाव किस वजह से हुआ और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाते हैं।

