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Delhi Election 2025: चुनाव के नतीजे से पहले ही दिल्ली में तेज़ हुई हलचल,ACB की टीम पहुंची अरविंद केजरीवाल के घर

Delhi Election: दिल्ली में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम अचानक दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची। यह कार्रवाई बीजेपी की शिकायत के बाद हुई, जिसमें AAP पर विधायकों की खरीद फरोख्त करने का आरोप लगाया गया था। अब इस पूरे मामले को लेकर दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रही हैं।

बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप

बीजेपी ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश की। पार्टी का कहना है कि AAP ने उनके कुछ विधायकों को पैसे और पद का लालच देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश की। इस मामले की शिकायत बीजेपी नेताओं ने दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना से की थी। इसके बाद LG ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को जांच के आदेश दिए।

 

AAP ने इसे बताया बीजेपी की साजिश

दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर चुनाव से पहले साजिश करने का आरोप लगाया है। AAP नेता संजय सिंह ने कहा, बीजेपी जानती है कि वह चुनाव हार रही है, इसलिए अब इस तरह की हरकतें कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और जनता सब कुछ समझ रही है।AAP का कहना है कि उनके खिलाफ लगातार षड्यंत्र किए जा रहे हैं ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। पार्टी ने दावा किया कि उनके नेताओं को बेवजह परेशान किया जा रहा है और यह सब कुछ चुनावी रणनीति के तहत किया जा रहा है।

ACB की जांच पर सवाल

इस मामले में ACB ने साफ किया है कि उन्हें उपराज्यपाल के दफ्तर से जांच के लिए मौखिक आदेश मिले थे, लेकिन कोई लिखित निर्देश नहीं दिया गया था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बिना किसी ठोस दस्तावेजी आदेश के इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की गई,विपक्ष इसे सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग के तौर पर देख रहा है।

क्या चुनाव पर पड़ेगा असर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम का चुनाव पर असर पड़ सकता है। जब कोई मामला चुनाव के समय उठता है, तो मतदाताओं के फैसले पर उसका प्रभाव जरूर पड़ता है। बीजेपी जहां इसे अपनी जीत के लिए एक बड़ा मुद्दा बना सकती है, वहीं AAP इसे सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर सकती है।

 

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