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Delhi Blast: डॉक्टर शाहीन पर सख्त जांच, NIAऔर ATS की टीम ने कानपुर कई इलाकों में की छापेमारी , स्लीपर सेल से जुड़ाव की आशंका

Delhi blast investigation doctor shaheen sleeper cell

Delhi Blast investigation: दिल्ली के लाल किला के बाहर हुई कार ब्लास्ट साजिश में बड़ा खुलासा सामने आया है। इस साजिश के तार पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क में डॉक्टर शाहीन सईद का भी नाम सामने आया है, जो कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में करीब आठ साल तक कार्यरत रहीं।

उनकी गिरफ्तारी के बाद मंगलवार देर रात एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की टीमें कानपुर पहुंचीं। दोनों एजेंसियों ने बुधवार तड़के चमनगंज, नाला रोड, नई सड़क और यतीमखाना जैसे इलाकों में छापेमारी की।

सुबह पांच बजे तक चली छापेमारी

टीमें सुबह लगभग पांच बजे तक कई गलियों और बस्तियों में पहुंचीं। वहां खड़े कुछ संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी कब्जे में लिए गए। जांच अधिकारी इन फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ब्लास्ट साजिश में स्थानीय स्तर पर किसकी भूमिका हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान एक डॉक्टर को हिरासत में लेने की चर्चा है, लेकिन पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

डॉ. शाहीन के दस्तावेज जब्त, पूर्व पति से भी पूछताछ

इसी बीच क्राइम ब्रांच की टीम ने डॉ. शाहीन के पूर्व पति, डॉ. जफर हयात से भी पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। वहीं, स्वरूप नगर थाना पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला को पत्र लिखकर शाहीन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। इनमें उनकी नियुक्ति की तारीख, कार्यकाल और उनके खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े नोटिस शामिल हैं।

महिला स्लीपर सेल से जुड़ाव की जांच जारी

एनआईए और एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि डॉ. शाहीन का संपर्क स्लीपर सेल की महिला विंग से था या नहीं। आशंका है कि यह विंग देश-विरोधी गतिविधियों के लिए युवतियों और महिलाओं को गुमराह कर रही थी। जांच एजेंसियां फिलहाल कानपुर कैंट इलाके में कैंप कर रही हैं और शाहीन के नेटवर्क को फतेहपुर, प्रयागराज और लखनऊ तक खंगाल रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी ठोस सबूत के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में तेजी, कई जिलों में फैला नेटवर्क

सूत्रों का कहना है कि डॉ. शाहीन से जुड़े कुछ अहम इनपुट एजेंसियों को मिले हैं। इसी वजह से दोनों टीमें देर रात तक शहर में डेरा डाले हुए हैं। जांच अधिकारी हर उस व्यक्ति की गतिविधि पर नजर रख रहे हैं, जो शाहीन के संपर्क में था। फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं, लेकिन लाल किला ब्लास्ट केस को लेकर जांच अब और तेज कर दी गई है।

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