Gymkhana Club : किसने लगाए दिल्ली जिमखाना क्लब में करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप, पूर्व बोर्ड सदस्य ने खोले चौंकाने वाले कई राज

दिल्ली जिमखाना क्लब एक बार फिर विवादों में है। पूर्व बोर्ड सदस्य ने क्लब में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। वहीं केंद्र सरकार ने क्लब को जमीन खाली करने का आदेश भी दिया है।

Delhi Gymkhana Club इन दिनों बड़े विवादों में घिरा हुआ है। क्लब की पूर्व बोर्ड सदस्य Sapra ने क्लब के कामकाज को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उनका कहना है कि क्लब के अंदर लंबे समय से बड़े स्तर पर आर्थिक गड़बड़ियां और नियमों का उल्लंघन हो रहा था।

शिकायत के बाद कार्रवाई का आरोप

एक इंटरव्यू में सपरा ने बताया कि उन्होंने क्लब के पुराने बोर्ड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि क्लब को कॉरपोरेट नियमों और मंत्रालय की गाइडलाइन के खिलाफ चलाया जा रहा था। सपरा के मुताबिक, जब उन्होंने इन मामलों को सामने लाने की कोशिश की, तो उन्हें ही निशाना बनाया गया।

उन्होंने दावा किया कि पहले उन्हें एक साल के लिए निलंबित किया गया और बाद में उनकी सदस्यता भी खत्म कर दी गई। सपरा का कहना है कि वह कानूनी तरीके से चुनी गई बोर्ड सदस्य थीं, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

‘MMM’ जैसा सिस्टम चलने का दावा

सपरा ने आरोप लगाया कि क्लब के भीतर कुछ प्रभावशाली लोगों का एक खास समूह सक्रिय था, जिसने क्लब को पैसा कमाने के जरिये में बदल दिया। उन्होंने इसे ‘MMM’ जैसा खेल बताया। उनके अनुसार, आम लोगों को क्लब की सदस्यता पाने के लिए कई सालों तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि बड़े और रसूखदार परिवारों को आसानी से सदस्यता मिल जाती है।

सरकार ने भी दिया बड़ा झटका

इस विवाद के बीच केंद्र सरकार ने भी क्लब को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने क्लब को 5 जून तक लुटियंस दिल्ली में स्थित करीब 27.3 एकड़ जमीन खाली करने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि यह जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी है।

हाई कोर्ट पहुंचा मामला

क्लब प्रशासन ने सरकार के इस आदेश को Delhi High Court में चुनौती दी है। अब इस मामले पर अदालत में सुनवाई होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।

जांच में सामने आए कई सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Ministry of Corporate Affairs की साल 2022 की जांच में भी क्लब से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए थे। जांच में करीब 50 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध नियुक्तियों और न्यायाधिकरण के आदेशों का पालन न करने जैसे आरोपों का जिक्र किया गया था।

बढ़ सकती हैं मुश्किलें

अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर टिकी हुई है। अगर जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो क्लब प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं दूसरी ओर क्लब से जुड़े लोग इस मामले को कानूनी लड़ाई के जरिए सुलझाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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