Ministry of Railways: राजधानी दिल्ली के कुछ प्रमुख रेलवे स्टेशनों के नाम आने वाले समय में बदल सकते हैं। रेलवे और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर इस संबंध में चर्चा चल रही है। जिन स्टेशनों के नाम बदलने की सबसे ज्यादा संभावना बताई जा रही है, उनमें शकूरबस्ती और बिजवासन रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
हाल के वर्षों में इन स्टेशनों का विस्तार और आधुनिकीकरण किया गया है, जिसके बाद इनके नए स्वरूप के अनुरूप नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है।
शकूरबस्ती स्टेशन का नाम बदल सकता है
सूत्रों के अनुसार, शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन का नाम किसी स्थानीय पहचान से जोड़ा जा सकता है। वर्तमान में यह नाम किसी प्रमुख कॉलोनी या क्षेत्र से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है। ऐसे में इसे रानी बाग, पंजाबी बाग या किसी अन्य स्थानीय नाम से जोड़े जाने पर विचार किया जा रहा है।
एक समय केवल तीन प्लेटफॉर्म वाला यह स्टेशन अब छह प्लेटफॉर्म के साथ विकसित हो चुका है। भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को यहां स्थानांतरित करने की भी योजना है।
बिजवासन स्टेशन के नाम में जुड़ सकता है ‘दिल्ली’
बिजवासन रेलवे स्टेशन का संचालन इस वर्ष अक्टूबर तक शुरू होने की संभावना है। रेलवे की योजना पुरानी दिल्ली और सराय रोहिल्ला से कुछ ट्रेनों को यहां शिफ्ट करने की है।
यदि स्टेशन का नाम पूरी तरह नहीं बदला जाता है, तो इसके साथ “दिल्ली” शब्द जोड़ने पर विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को स्टेशन की पहचान स्पष्ट रूप से मिल सके।
अन्य स्टेशनों पर भी विचार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सदर बाजार, आदर्श नगर, पटेल नगर और तिलक ब्रिज जैसे स्टेशनों के नाम के आगे भी “दिल्ली” जोड़ने का प्रस्ताव चर्चा में है। इसका उद्देश्य यात्रियों के लिए स्टेशन की पहचान को अधिक स्पष्ट बनाना बताया जा रहा है।
नई दिल्ली स्टेशन पर कम होगा दबाव
दरअसल, रेलवे राजधानी में कई छोटे और मध्यम आकार के स्टेशनों को विकसित कर रही है ताकि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके। आने वाले वर्षों में कई ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
2029 तक बदलेगा नई दिल्ली स्टेशन का स्वरूप
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 2650 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुनर्विकास के बाद स्टेशन को मल्टी-लेवल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस इस स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 7 लाख यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था होगी।
रेलवे का मानना है कि इन बदलावों से राजधानी के रेल नेटवर्क को अधिक व्यवस्थित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
