Food Funding : जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को खाना बांटने वाले मोहम्मद जुनैद का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। पुलिस कथित तौर पर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतने लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था का पैसा कहां से आया। इसी बीच जुनैद के परिवार ने सामने आकर अपनी बात रखी और कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं, लेकिन लगातार पूछताछ और रिश्तेदारों तक पहुंचने से परिवार मानसिक दबाव में है।
परिवार का दावा
जुनैद के चाचा और अन्य परिजनों का कहना है कि पुलिस कई बार घर पहुंची और परिवार के सदस्यों से फंडिंग, बैंक खातों और खर्च के बारे में जानकारी ली। परिवार का कहना है कि भोजन की व्यवस्था किसी बड़े संगठन या विदेशी फंडिंग से नहीं हुई, बल्कि लोगों की मदद और छोटे-छोटे सहयोग से यह काम किया गया। उनका दावा है कि जो भी जानकारी मांगी गई, वह पुलिस को उपलब्ध कराई जा रही है।
पुलिस किन बातों की कर रही जांच
रिपोर्टों के अनुसार जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भोजन वितरण के लिए पैसा किस स्रोत से आया, कितनी राशि खर्च हुई और क्या इसके पीछे कोई संगठित फंडिंग नेटवर्क था। इसी सिलसिले में परिवार और कुछ रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से किसी अवैध फंडिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।
जुनैद और परिवार का पक्ष
परिवार का कहना है कि जुनैद ने लोगों की मदद करने की भावना से भोजन बांटा था और इसमें कोई गलत मंशा नहीं थी। कुछ परिजनों ने दावा किया कि कई बार उन्होंने अपनी जेब से भी खर्च किया और स्थानीय लोगों से सहयोग मिला। उनका कहना है कि यदि किसी भी खर्च का रिकॉर्ड मांगा जाएगा तो वे उपलब्ध कराएंगे। दूसरी ओर, जुनैद पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि उनसे फंडिंग को लेकर लगातार सवाल पूछे गए और परिवार को भी परेशान किया गया।
जांच अभी जारी
यह मामला फिलहाल जांच के चरण में है। पुलिस फंडिंग के स्रोत और खर्च से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है, जबकि परिवार का कहना है कि उसने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया और सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।









