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Delhi Hotel Fire: छह की अनुमति पर 25 कमरे, मुनाफे की अंधी दौड़, क्या सिस्टम की चूक ने निगल लीं 21 जिंदगियां

Malviya Nagar Hotel Fire: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि जब आग लगी, तब कई लोग होटल में सो रहे थे। कुछ ही मिनटों में आग और धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। घंटों चले बचाव अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके थे।

कौन है होटल का मालिक?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल होटल के मालिक और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है। शुरुआती जानकारी में आग लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि आग की शुरुआत फ्लोरिश स्टे इन नामक परिसर से हुई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस प्रतिष्ठान का संचालन लोकेश बजाज और उनके कुछ साझेदार मिलकर कर रहे थे। अब पुलिस होटल से जुड़े सभी दस्तावेज, स्वामित्व रिकॉर्ड, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है। मामले में होटल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

होटल नहीं, होम-स्टे का मिला था लाइसेंस

जांच में सामने आया है कि इस परिसर को नियमित होटल चलाने की अनुमति नहीं मिली थी। इसे दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) योजना के तहत लाइसेंस दिया गया था। इस योजना में सीमित संख्या में कमरों में मेहमानों को ठहराने और सुबह नाश्ता उपलब्ध कराने की अनुमति होती है। आरोप है कि जहां लाइसेंस केवल छह कमरों के लिए था, वहीं परिसर में लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। इसी वजह से अब सुरक्षा नियमों के पालन और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

क्या है बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना?

बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना की शुरुआत वर्ष 2007 में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। इसके तहत घर के मालिक अपने अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों या मेहमानों के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। इस योजना का मकसद लोगों को अतिरिक्त आय का अवसर देना था, न कि बड़े व्यावसायिक होटल संचालित करना। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

लाइसेंस के लिए जरूरी नियम

बी एंड बी योजना के तहत मकान में एक से छह अतिरिक्त कमरे होने चाहिए। मकान मालिक का उसी भवन में रहना भी अनिवार्य है। मेहमानों को रात्रि विश्राम की सुविधा के साथ सुबह नाश्ता दिया जाता है। साथ ही, प्रत्येक मेहमान का पंजीकरण करना जरूरी होता है।

जांच के घेरे में कई सवाल

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या क्षमता से अधिक कमरे चलाने, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अन्य कमियों ने इस हादसे को और भयावह बना दिया। यदि जांच में लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने होटल सुरक्षा और लाइसेंस व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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