6th नृत्यमंजरी महोत्सव 2026: ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध,भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मिला नया मंच

नई दिल्ली के एलटीजी ऑडिटोरियम में आयोजित 6वें नृत्यमंजरी महोत्सव 2026 में ओडिसी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संस्कृति की छटा बिखेरी, जबकि धनरानी देवी लामाबाम को नृत्यमंजरी सम्मान प्रदान किया गया।

Nrityamanjari Festival 2026: मंजरी ओडिसी नृत्यालय द्वारा आयोजित “6th Nrityamanjari Festival 2026” का भव्य आयोजन शनिवार को एलटीजी ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ओडिसी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति की अद्भुत झलक दिखाई। कार्यक्रम के दौरान सभागार कला प्रेमियों से खचाखच भरा रहा और प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

गुरु त्रिनाथ महाराणा के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन

महोत्सव की संकल्पना और कोरियोग्राफी प्रसिद्ध ओडिसी गुरु श्री त्रिनाथ महाराणा के मार्गदर्शन में तैयार की गई। आयोजन को सफल बनाने में उनके पुत्र सुषांत महाराणा और नीलम महाराणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ कलाकारों को मंचीय प्रस्तुति के लिए प्रशिक्षित भी किया।
कार्यक्रम में मंजरी ओडिसी नृत्यालय के विभिन्न केंद्रों ,मयूर विहार, चित्तरंजन पार्क और मंडी हाउस , के विद्यार्थियों ने भाग लिया। नन्हे कलाकारों से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों तक सभी ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और दर्शकों का मन मोह लिया।

भाव-भंगिमाओं और तालबद्ध प्रस्तुति ने जीता दिल

महोत्सव में प्रस्तुत विभिन्न नृत्य रचनाओं ने ओडिसी नृत्य की समृद्ध परंपरा और सौंदर्य को मंच पर जीवंत कर दिया। कलाकारों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति, सटीक मुद्राएं और लयबद्ध तालमेल दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने में सफल रहे। प्रत्येक प्रस्तुति भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और कला के विभिन्न आयामों को दर्शाती नजर आई।
नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने भक्ति, प्रेम, प्रकृति और मानवीय भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

धनरानी देवी लामाबाम को मिला ‘नृत्यमंजरी सम्मान’

हर वर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव में विशिष्ट योगदान देने वाले कलाकार को सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध मणिपुरी नृत्यांगना धनरानी देवी लामाबाम को भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए “नृत्यमंजरी सम्मान” प्रदान किया गया। सम्मान गुरु श्री त्रिनाथ महाराणा द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित कला प्रेमियों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना की।

मुख्य अतिथि ने की आयोजन की प्रशंसा

कार्यक्रम में गीता महालिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मंजरी ओडिसी नृत्यालय के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।

भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मिला नया मंच

आयोजन की सफलता में मंच के पीछे कार्यरत शिक्षकों, प्रशिक्षकों और नृत्यालय के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में उत्साह और कला के प्रति गहरा लगाव देखने को मिला। नृत्यमंजरी महोत्सव 2026 ने एक बार फिर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा, सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक उत्कृष्टता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए अपनी विशेष पहचान कायम की।

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