Wednesday, May 20, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home एडिटर चॉइस

Delhi NCR में केंद्र सरकार ने कोयले के इस्तेमाल पर क्यों लगाया प्रतिबंध, आदेश के उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना

by Anu Kadyan
January 1, 2023
in एडिटर चॉइस, दिल्ली, विशेष
Share on FacebookShare on Twitter

दिल्ली-एनसीआर में इंडस्ट्रीज में कोयले और अन्य अप्रमाणित ईंधनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने लिया है। बता दें कि थर्मलपावर प्लांट में कम सल्फर कोयले के इस्तेमाल की अभी भी अनुमति है। यह फैसला अगलेपांच वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदुष्ण को रोकने की कोशिश के तौर पर लिया गया है।

आदेश का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना

वहीं अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी कारण बताओं नोटिस के कोयले सहित गैर-अनुमोदित ईंधन का उपयोग करने वाले उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दें। CAQM के एक अधिकारी का कहना है कि आदेश का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं समिति ने जून में ही 1 जनवरी, 2023 से पूरे दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक, घरेलू और अन्य विविध अनुप्रयोगों में कोयले के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए थे। इसके चलते सभी उद्योगों को स्वच्छ ईंधन की ओर जाने का ठीक-ठाक समय मिल गया। CAQM के मुताबिक बायोमास ब्रिकेट्स का उपयोग धार्मिक उद्देशयों और दाह-संस्कार के लिए किया जा सकता है।

RELATED NEWS

No Content Available

वाहनों का प्रदूष्ण कम करना भी है लक्ष्य

लकड़ी और बांस के चारकोल का उपयोग होटल, रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल और खुले भोजनालय या ढाबे के टेंडर और ग्रिल के लिए किया जा सकेगा। कपड़े की इस्त्री के लिए लकड़ी के चारकोल के इस्तेमाल की अनुमती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इंडस्ट्रीज में सालाना लगभग 1.7 मिलियन टन कोयले का उपयोग किया जाता है। अकेले छह प्रमुख औद्योगिक जिलों में लगभग 1.4 मिलियन टन कोयले की खपट होती है। वाहनों का प्रदूष्ण कम करना भी है लक्ष्य।

एनसीआर में सिर्फ सीएनजी और ई-ऑटो ही चलेंगा

वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए, केंद्र के वायु गुणवत्ता पैनल ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा को भी निर्देश दिया है कि वे 1 जनवरी से केवल सीएनजी और इलोक्ट्रिक ऑटो पंजीकृत करें। अंत में एनसीआर में डीजल वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन करें। CAQM का मकसद 1 जनवरी 2027 से एनसीआर में सिर्फ सीएनजी और ई-ऑटो ही चले।

चलिए आपको बताते है कि क्या है CAQM की योजना

एनसीआर में दिल्ली, हरियाणा के 14 जिले, उत्तर प्रदेश के आठ जिले और राजस्थान के दो जिले शामिल हैं। CAQM के निर्देशों के अनुसार, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, फरिदाबाद और गुरुग्राम में डीजल ऑटो को 2024 के अंत तक सेवा से बाहर करना होगा। सोनीपत, रोहतक, झज्जर और बागपत को 31 दिसंबर, 2025 तक ऐसा करना होगा। एनसीआर के बाकी इलाकों के लिए यह समय सीमा 2026 के अंत तक है। दिल्ली ने 1998 में डीजल ऑटों रिक्शा के अपने बेड़े को सीएनजी मेंं हदलने के लिए कार्यक्रम शुरु किया था। दिल्ली में फिलहाल डीजल से चलने वाले ऑटो का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा है। दिल्ली परिवहन विभाग ने पिछले साल अक्टूबर में 4,261 ई-ऑटो के पंजीकरण के लिेए एक योजना शुरू की थी।

Tags: banned the use of coalCentral GovernmentDelhi NCRNews1India
Share197Tweet123Share49

Anu Kadyan

Related Posts

No Content Available
Next Post

Delhi NCR: दिल्ली आउटर में दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा, एक लड़की की मौत, सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल

Earthquake In India: नए साल के पहले दिन आए 4 भूकंप, इन जगहों पर महसूस किए गए झटके

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist