West Bengal: पश्चिम बंगाल में कोलकाता एयरपोर्ट के पास मौजूद एक पुरानी मस्जिद को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। एयरपोर्ट सुरक्षा और रनवे विस्तार को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी के खिलाफ सख्त बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि मस्जिद को जबरदस्ती तोड़ने या हटाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
63 साल से मौजूद है मस्जिद
सिद्दीकुल्लाह चौधरी का कहना है कि यह मस्जिद साल 1890 में बनाई गई थी। बाद में 1962 में जब एयरपोर्ट का निर्माण हुआ, तब यह मस्जिद रनवे के पास आ गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 63 सालों में प्रशासन ने कभी इस मुद्दे पर सही तरीके से बातचीत नहीं की। अब अचानक बड़े अधिकारियों की बैठक बुलाकर दबाव बनाया जा रहा है।
चौधरी ने दावा किया कि करीब 10 साल पहले भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ इस विषय पर बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद मामला शांत हो गया था।
प्रशासनिक बैठक के बाद बढ़ी हलचल
हाल ही में जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी, CISF और पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में एयरपोर्ट सुरक्षा और रनवे विस्तार को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, मस्जिद को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी बातचीत का हिस्सा रहा। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
क्या फैसला लेंगे मुख्यमंत्री?
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार विकास और सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार एयरपोर्ट सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी। हालांकि कानून के दायरे में रहकर मस्जिद कमेटी से बातचीत का रास्ता खुला रखा जा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या फैसला लेते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट
सिद्दीकुल्लाह चौधरी के बयान के बाद दमदम एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोलकाता पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी तरह का तनाव या कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो।
विवाद की असली वजह क्या है?
जानकारी के अनुसार, मस्जिद एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल के अंदर नहीं है, बल्कि एयरपोर्ट से सटी जमीन पर बनी हुई है।
यह इलाका रनवे विस्तार और सुरक्षा घेरे के बेहद करीब आता है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के मुताबिक, एयरपोर्ट के आसपास ऐसे निर्माण नहीं होने चाहिए जो सुरक्षा में बाधा बन सकें। इसी वजह से एयरपोर्ट अथॉरिटी रनवे आधुनिकीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस ढांचे को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रही है।
फिलहाल मामला बेहद संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
