Malihabad Student Suicide Case: लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि छात्रा लंबे समय से एक युवक की छेड़छाड़ और दबाव से परेशान थी। परिवार का दावा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। मामले में चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है।
घर में मिला छात्रा का शव
मलिहाबाद के कसमंडी कला क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब 14 वर्षीय छात्रा का शव घर के अंदर बांस से लटका मिला। घटना के समय उसके माता-पिता बैंक गए हुए थे और वह घर में अकेली थी।
दोपहर करीब 12 बजे जब माता-पिता घर लौटे तो बेटी को इस हालत में देखकर उनके होश उड़ गए। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने एक युवक पर बेटी को लगातार परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
छह महीने से कर रहा था परेशान
छात्रा के पिता किसान हैं। उनका आरोप है कि हंस कुमार नाम का युवक पिछले करीब छह महीने से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। स्कूल से लौटते समय उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की थी।
इस घटना की शिकायत लेकर जब पिता आरोपी के घर पहुंचे तो आरोप है कि हंस कुमार ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, 20 मई को उन पर चाकू से हमला भी किया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बेटी की सुरक्षा को देखते हुए परिवार ने उसे ई-रिक्शा से स्कूल भेजना शुरू कर दिया। इसके बावजूद आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं।
जबरन साथ ले जाने का दबाव
पिता के मुताबिक, आरोपी उनकी बेटी पर जबरन अपने साथ चलने का दबाव बनाता था। लगातार परेशान किए जाने से छात्रा तनाव में थी। परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस ने शुरुआती शिकायतों पर गंभीरता दिखाई होती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
चौकी प्रभारी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी उत्तरी अमित आनंद ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर हंस कुमार, उसके भाई विनय कुमार, पिता श्याम कुमार और मां राम लल्ली के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
वहीं, एसीपी मलिहाबाद की जांच में पुलिस चौकी प्रभारी विवेक कुमार की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा तथा शिकायतों पर पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार पहले ही छेड़छाड़ और हमले की शिकायत कर चुका था। अब पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही सामने आने के बाद विभागीय जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पर सबकी नजर है।

