Kerala Oath Ceremony:केरल की राजनीति में आज एक नया दौर शुरू हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता V. D. Satheesan ने 20 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल R. V. Arlekar ने उन्हें और उनके मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन को बड़ी जीत मिलने के बाद आखिरकार वीडी सतीशन ने राज्य की जिम्मेदारी संभाल ली। करीब नौ दिनों तक चली बैठकों और चर्चाओं के बाद पार्टी हाईकमान ने उनके नाम को मंजूरी दी। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि राज्य में कांग्रेस की वापसी में सतीशन की अहम भूमिका रही है।
नए चेहरों को मिला बड़ा मौका
नई सरकार में पुराने और नए नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के कुल 11 नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। इनमें Ramesh Chennithala, K. Muraleedharan और P. C. Vishnunath जैसे अनुभवी नेता शामिल हैं।
यूडीएफ के प्रमुख सहयोगी दल Indian Union Muslim League को पांच मंत्री पद मिले हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता P. K. Kunhalikutty और K. M. Shaji भी कैबिनेट का हिस्सा बने हैं। इसके अलावा केरल कांग्रेस (जोसेफ), आरएसपी, केरल कांग्रेस और सीएमपी को भी एक-एक मंत्री पद दिया गया है। खास बात यह रही कि नई कैबिनेट में 14 मंत्री ऐसे हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार नई सोच और नए कामकाज के तरीके के साथ आगे बढ़ना चाहती है।
VIP संस्कृति खत्म करने का संदेश
मुख्यमंत्री बनने के बाद वीडी सतीशन ने शुरुआत से ही सादगी पर जोर दिया है। राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने खर्च कम करने के कई फैसले लिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि मंत्रियों के लिए नई महंगी गाड़ियां नहीं खरीदी जाएंगी और पुरानी सरकारी गाड़ियों का ही इस्तेमाल होगा। सतीशन ने लंबे समय से चल रही VIP काफिले की परंपरा को भी कम करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वे केवल एक पायलट और एक एस्कॉर्ट वाहन के साथ यात्रा करेंगे। उनके इस फैसले को आम लोगों के बीच सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
समारोह में पहुंचे कई बड़े नेता
तिरुवनंतपुरम में हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra भी मौजूद रहे।
इसके अलावा Revanth Reddy और D. K. Shivakumar समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
चुनौतियों से भरा होगा आगे का रास्ता
वीडी सतीशन के सामने अब कई बड़ी चुनौतियां हैं। उन्हें राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को संभालना होगा और साथ ही गठबंधन के सभी दलों को एकजुट भी रखना होगा। पार्टी के अंदर भी कई बड़े नेताओं के बीच संतुलन बनाना उनके लिए आसान नहीं रहेगा।
हालांकि, जनता और सहयोगी दलों के समर्थन के कारण उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी सरकार आने वाले दिनों में जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।
