Census Fraud: देशभर में जनगणना जैसी सरकारी प्रक्रिया के दौरान लोग अपने घरों पर आने वाले अधिकारियों को सामान्य तौर पर भरोसे के साथ जानकारी दे देते हैं। लेकिन बदलते डिजिटल दौर में साइबर अपराधी और ठग अब सरकारी कर्मचारियों का रूप धारण कर लोगों की निजी जानकारी चुराने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जनगणना के नाम पर हो रही ठगी के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि असली जनगणना अधिकारी कौन-सी जानकारी मांग सकते हैं और कौन-सी नहीं।
जनगणना अधिकारी क्या पूछते हैं?
एक असली जनगणना कर्मचारी का मुख्य उद्देश्य केवल जनसंख्या और घरेलू आंकड़े एकत्र करना होता है। इसके तहत वे परिवार से जुड़ी सामान्य जानकारी लेते हैं ताकि सरकार सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की बेहतर योजना बना सके।
आमतौर पर जनगणना अधिकारी परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी उम्र, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय और वैवाहिक स्थिति जैसी जानकारी पूछ सकते हैं। इसके अलावा घर के मालिकाना हक, रहने की स्थिति और घर में मौजूद सुविधाओं या उपकरणों से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी रिकॉर्ड और जनसांख्यिकीय डेटा के लिए होती है।
कौन-सी जानकारी कभी नहीं मांगी जाती?
यदि कोई व्यक्ति खुद को जनगणना अधिकारी बताकर आपसे बैंक अकाउंट नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर या ओटीपी मांगता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
सरकारी जनगणना प्रक्रिया में किसी भी तरह की बैंकिंग या वित्तीय जानकारी नहीं ली जाती। ओटीपी या पासवर्ड मांगना साफ तौर पर धोखाधड़ी का संकेत है।
डिजिटल फ्रॉड से कैसे बचें?
आजकल स्कैमर्स सिर्फ घर-घर जाकर ही नहीं, बल्कि मोबाइल और इंटरनेट के जरिए भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार वे फर्जी लिंक भेजकर जानकारी ‘वेरिफाई’ करने के लिए कहते हैं। कुछ मामलों में ऐप डाउनलोड करवाने या क्यूआर कोड स्कैन करने को कहा जाता है।
ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बिना सत्यापन कोई ऐप डाउनलोड न करें।
जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
जनगणना जैसी सरकारी प्रक्रिया में सहयोग करना नागरिक जिम्मेदारी है, लेकिन अपनी निजी और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। सही जानकारी और सतर्कता से ही आप खुद को जनगणना के नाम पर होने वाली ठगी से सुरक्षित रख सकते हैं। याद रखें, सरकारी अधिकारी कभी भी आपकी बैंकिंग जानकारी या ओटीपी नहीं मांगते।
