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Digital Balance :मोबाइल की लत बन रही है नई चुनौती, बच्चों की नींद और व्यवहार पर असर

बच्चों और युवाओं में बढ़ती डिजिटल लत एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। रोजाना कई घंटे स्क्रीन पर बिताने से उनकी नींद, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग तनाव, चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। इससे बचाव के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करना, सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाना और डिजिटल उपकरणों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।

Sadaf Farooqui by Sadaf Farooqui
March 28, 2026
in Tech
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Digital Balance : देश में बच्चों और युवाओं के बीच बढ़ती डिजिटल लत अब एक गंभीर सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। विशेषज्ञों और विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम का असर केवल पढ़ाई और दिनचर्या पर ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यवहार, नींद और मानसिक संतुलन पर भी पड़ रहा है।

साल के 100 दिन सिर्फ मोबाइल के नाम

हालिया अध्ययनों के अनुसार, आज के बच्चे और युवा औसतन प्रतिदिन लगभग आठ घंटे मोबाइल फोन या अन्य डिजिटल स्क्रीन के सामने बिताते हैं। इस हिसाब से एक वर्ष में 100 दिन से अधिक का समय केवल डिजिटल उपकरणों पर खर्च हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम के कारण नींद के पैटर्न में गड़बड़ी, चिड़चिड़ापन और मनोदशा में अचानक बदलाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

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मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दबाव, ऑनलाइन तुलना की प्रवृत्ति और डिजिटल निर्भरता के कारण बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कुछ रिपोर्टों में यह भी संकेत मिला है कि अत्यधिक डिजिटल उपयोग आत्मघाती प्रवृत्तियों के जोखिम को बढ़ा सकता है, जो एक चिंताजनक संकेत है।

स्कूलों और परिवारों की बढ़ी जिम्मेदारी

दुनिया के कई देशों में स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर नियंत्रण जैसे कदम उठाए गए हैं, ताकि बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को सुरक्षित रखा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में भी इस दिशा में जागरूकता और संतुलित उपयोग की आदत विकसित करना जरूरी है।

डिजिटल लत से बचने के आसान उपाय

बच्चों और युवाओं को डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग के लिए कुछ सरल आदतें अपनानी चाहिए:

  • फोन उठाने से पहले यह तय करें कि उसका उपयोग जरूरी है या नहीं
  • बार-बार फोन देखने की आदत को नियंत्रित करने के लिए छोटे-छोटे विराम लें
  • सोने वाले कमरे में मोबाइल रखने से बचें
  • अच्छी नींद के लिए सोने से कम से कम दो घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं
Tags: digital balancereduce screen time
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Sadaf Farooqui

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