देश के सरकारी बैंकों (PSU Banks) ने ग्राहकों को बेहतर और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 15,000 पुराने ATM को अपग्रेड किया जाएगा। इन मशीनों में नई तकनीक जोड़ी जाएगी, जिससे ग्राहकों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।
ATM बनेंगे मिनी बैंक ब्रांच
अपग्रेड के बाद ATM केवल नकदी निकालने की मशीन नहीं रहेंगे, बल्कि मिनी बैंक ब्रांच की तरह काम करेंगे। इनमें कैश रीसाइक्लर मशीनें लगाई जाएंगी, जिनकी मदद से ग्राहक एक ही मशीन से नकदी जमा और निकासी दोनों कर सकेंगे। इसके अलावा कई अन्य डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
ग्राहकों को मिलेंगी ये नई सुविधाएं
नई तकनीक वाले ATM में कई एडवांस फीचर्स जोड़े जाएंगे। इनमें UPI के जरिए बिना डेबिट कार्ड कैश निकासी, कैश जमा करने की सुविधा, तेज ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग, बेहतर सिक्योरिटी सिस्टम और बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट व फंड ट्रांसफर जैसी मल्टी-सर्विस सुविधाएं शामिल होंगी। इससे ग्राहकों को बैंक शाखा जाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहकों को मिलेगा, जहां बैंक शाखाओं की संख्या सीमित है। सरकारी बैंकों के करोड़ों खाताधारकों, छोटे व्यापारियों और ऐसे लोगों को भी राहत मिलेगी जो अभी भी नकदी और ATM सेवाओं पर अधिक निर्भर हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकारी बैंकों का मानना है कि कई ATM मशीनें तकनीकी रूप से पुरानी हो चुकी हैं और उनकी कार्यक्षमता भी कम हो गई है। वहीं, डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद देश में नकदी की मांग अभी भी बनी हुई है। ऐसे में कैश रीसाइक्लर और आधुनिक ATM ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ-साथ बैंकों की परिचालन लागत भी कम करेंगे।
